Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधान को दी चुनौती, याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह याचिका दोषी ठहराए जाने के बाद निर्वाचित विधायी निकायों के प्रतिनिधियों को स्वत अयोग्य ठहराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। इस याचिका में जनप्रतिनिधियों के अधिनियम की धारा 8(3) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।

नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका दोषी ठहराए जाने के बाद निर्वाचित विधायी निकायों के प्रतिनिधियों को स्वत: अयोग्य ठहराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। इस याचिका में जनप्रतिनिधियों के अधिनियम की धारा 8(3) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।

याचिका में क्या कहा
याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि धारा 8(3) के तहत स्वत: अयोग्य करार दिए जाने को भारत के संविधान के अधिकारातीत घोषित किया जाए।

क्या कहता है जन प्रतिनिधि कानून?
जन प्रतिनिधि कानून, 1951 में व्यवस्था की गई है कि यदि किसी जन प्रतिनिधि को किसी मामले में दो साल या इससे अधिक की सजा होगी तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा सजा पूरी होने के छह साल तक वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। किसी मौजूदा सदस्य के मामले में तीन महीने की छूट दी गई है।