छत्तीसगढ़ में फिर बवाल, रतनपुर आज बंद: दुष्कर्म पीड़िता की मां को जेल भेजने पर लोगों में आक्रोश; TI लाइन अटैच,जानिए क्या था मामला

रतनपुर प्रकरण में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष सिंह ने निष्पक्ष जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल देव शर्मा के नेतृत्व में एक दल का गठन किया है। इसमें एसडीओपी कोटा सिद्धार्थ बघेल और निरीक्षक परिवेश तिवारी को शामिल किया गया है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दुष्कर्म पीड़िता की मां को जेल भेजने पर लोगों का आक्रोश भड़क गया है। पुलिस के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन करते हुए रविवार को रतनपुर बंद करा दिया। इसके पहले शनिवार देर रात थाने का घेराव और चक्काजाम करते हुए टीआई को हटाने की मांग की गई थी। जिसके बाद एसपी ने थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया गया है। हालांकि स्थिति को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। पुलिस ने दुष्कर्म पीड़िता की मां को 10 साल के बच्चे के यौन शोषण मामले में गिरफ्तार किया है।

दरअसल, शनिवार को बिलासपुर एसपी ऑफिस पहुंची दुष्कर्म पीड़िता ने एसपी से लिखित शिकायत में कहा था कि उसने दो माह पहले रतनपुर के रहने वाले युवक के खिलाफ थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिसके बाद से आरोपी के परिवार वाले उसपर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। आरोप लगाया कि, आरोपी युवक के परिवार वाले टीआई से मिलकर साजिश कर रहे हैं। 10 साल के बच्चे से यौन शोषण के आरोप में उसकी मां को जेल भेज दिया है।

देर रात लोगों ने घेरा थाना, एसपी दफ्तर पहुंचे
इसके बाद बडी संख्या में लोग और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता इकट्ठे होकर एसपी ऑफिस पहुंच गए। झूठे केस में जेल भेजने का आरोप लगाते हुए टीआई पर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग संगठन के दुष्कर्म पीड़िता के पक्ष में सामने आए। एसपी कार्यालय में शिकायत के बाद कार्यवाही नहीं होने से नाराज लोगों ने शनिवार शाम रतनपुर थाने का घेराव कर दिया। वहीं एडिशनल एसपी राहुल देव, एसडीओपी सिद्धार्थ बघेल और अन्य थाना प्रभारियों ने लोगों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन लोग टीआई को हटाने की मांग पर अड़े रहे।

जांच के लिए टीम गठित
रतनपुर प्रकरण में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष सिंह ने निष्पक्ष जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल देव शर्मा के नेतृत्व में एक दल का गठन किया है। इसमें एसडीओपी कोटा सिद्धार्थ बघेल और निरीक्षक परिवेश तिवारी को शामिल किया गया है। आदेशित किया कि यह टीम घटनाक्रम व एफआईआर के सम्पूर्ण तथ्यों की जांच रिपोर्ट सात दिवस के भीतर प्रस्तुत करे। दोषी व्यक्ति व लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही होगी। वही वर्तमान में थाना प्रभारी रतनपुर कृष्णकांत सिंह को आगामी आदेश तक पुलिस लाइन में संबद्धता का आदेश जारी किया गया है।

क्या था मामला
जानकारी के अनुसार मार्च 2023 में खुटाघाट के पास एक युवती बदहवास हालत में पुलिस पेट्रोलिंग टीम को मिली थी। पूछताछ में युवती ने बताया था कि रतनपुर के युवक से उसके प्रेम संबंध था। वह शादी करने का झांसा देकर घुमाने के बहाने खुटाघाट ले गया और उससे दुष्कर्म कर मारपीट की है। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट पर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोप है की उसके दो माह बाद शुक्रवार को आरोपी की बुआ ने रतनपुर थाने में आकर रिपोर्ट लिखाई कि उसका नाबालिक बेटा घूमने के लिए अपने मामा के घर आया था। वहां से लौटने के बाद गुमसुम रहने लगा। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता की मां उसके साथ अश्लील हरकत की है। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने विधवा महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।