दुर्ग संभाग में विधायक प्रतिनिधि के ज्वैलरी शोरूम में की थी चोरी: कंबल बेचने वाले निकले चोर, 32 किलो गहनों के साथ 12 गिरफ्तार,

बालोद के गुंडरदेही विधायक और संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद के प्रतिनिधि राजेश बाफना के ज्वेलरी शोरूम में आरोपियों ने चोरी की थी। चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर रखी ज्वैलरी और रुपये ले गए। अपने साथ चोर वहां लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी ले गए थे। राजेश बाफना कांग्रेस के महामंत्री भी हैं।

छत्तीसगढ़ के बालोद स्थित बाफना ज्वैलर्स में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने 12 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से पकड़ा गया है। इनमें वहां के दो शातिर अपराधी भी शामिल हैं। पुलिस ने इनसे 32 किलो से ज्यादा सोने-चांदी के गहने और अन्य सामान बरामद किया है। दो टीमें अभी और सामान की रिकवरी में लगी हैं। आरोपियों ने अंतरराज्यीय स्तर पर चोरी का जाल फैला रखा था। इनके खिलाफ छत्तीसगढ़ सहित मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब सहित कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। चोरी के गहने खरीदने वाले पर भी कार्रवाई की गई है। मामला अर्जुंदा थाना क्षेत्र का है।

कंबल बेचने की आड़ में करते थे रेकी
नगर के बाफना ज्वैलर्स के शोरूम में हुई चोरी के बाद जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने अलग-अलग जगहों से सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए। उसकी जांच में एक चार पहिया वाहन में चार संदिग्ध लोग दिखाई दिए। जांच के दौरान संदेही वाहन का राजनांदगाव मे पहले से होना पाया गया। उसके आधार पर पुलिस ने राजनांदगांव निवासी लाखन सिंह भाटिया और महेश वाल्मीकि को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह कंबल बेचने के नाम पर फेरी लगाकर ज्वैलरी शॉप की रेकी किया करते थे। इसके बाद पांढुर्णा मध्यप्रदेश निवासी चंरण सिंह व संगम सिंह को सूचना देते।

10 दिन रुककर चोरी की वारदात को दिया अंजाम
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बाफना ज्लैलर्स की भी रेकी की। उनकी सूचना पर चरण और संगम आरोपियों के घर आए। वहां 10 दिन रुककर चोरी की साजिश रची। इसके बाद 24 जून की रात चरण सिंह, संगम सिंह, लाखन सिंह और महेश वाल्मीकि चारपहिया वाहन लेकर आए और बाफना ज्वैलर्स की दुकान में लगा शटर का ताला तोड़कर चोरी की। वहां से सोने के 1.620 किलो, चांदी के 31 किलो और 1.78 लाख रुपये, सीसीटीवी डीवीआर चोरी कर ले गए। वहां से राजनांदगांव के मोहरा पहुंचे और गहनों व रुपयों का बंटवारा किया। इसके बाद सभी अपने-अपने घर के लिए चले गए।

पुलिस पर मिर्ची पाउडर डालकर भाग चुके
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से जानकारी मिलने के बाद चरण सिंह और संगम सिंह की तलाश में टीम पंजाब के अमृतसर और टीम पांढुर्णा मध्यप्रदेश भेजी गई। टीम ने दोनों आरोपियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी नम्बर प्लेट बनवाकर गाड़ी में उसका उपयोग करते थे। मुख्य सरगना आरोपी चरण सिंह व संगम सिंह की तलाश में कई राज्यों की पुलिस को थी। दोनों मध्यप्रदेश के नामी अपराधी हैं। कई बार पुलिस पर मिर्ची पाउडर डालकर भाग चुके थे। आरोपियों से चोरी के गहने खरीदने वाला राजनांदगांव का सुनार रामकुमार सोनी भी पकड़ा गया है।

मेटल डिटेक्टर लगाकर खोदी गई मकान की फर्श
एसपी डॉक्टर जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि, पुलिस टीम ने पांढुर्ना के शास्त्री वार्ड के कबाड़ी मोहल्ले में दोनों आरोपियों मकानों में मेटल डिटेक्टर की मदद से तलाशी ली। उन्होंने जेवर मकान में छिपा कर रखे थे। तलाशी में फर्श के नीचे दबाकर आधा बोरी में भरकर रखे गए करीब 15 किलो से अधिक कीमती जेवरात बरामद हुए। टीम ने आरोपी से संबंधित समीपस्थ ग्राम अंबाड़ा खुर्द और गुजरखेड़ी में भी दोनों अपराधियों के मकानों में सघन सर्चिंग की। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त बाइक, तवेरा कार, लोहे के रॉड बरामद हुए हैं। बालोद पुलिस के साथ, राजनांदगाव, दुर्ग पुलिस की विशेष भूमिका रही।


इनकी हुई गिरफ्तारी

शास्त्री वार्ड पाढुर्णा, मध्यप्रदेश निवासी संगम सिंह बावरी व चरण सिंह भादा, अटल आवास पेन्ड्री, राजनांदगांव निवासी लाखन सिंह भाटिया, संजू सिंह, सागर भोजपुरी, रामकुमार सोनी व महेश वाल्मीकि, हरदा मध्यप्रदेश निवासी राजेन्द्र सिंह व सुरजीत सिंह, भोपाल निवासी हरविंदर सिंह, छिन्दवाड़ा निवासी राणदीप सिंह और कुलजीत सिंह शामिल हैं।

संसदीय सचिव के प्रतिनिधि के शोरूम को बनाया था निशाना
बालोद के गुंडरदेही विधायक और संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद के प्रतिनिधि राजेश बाफना के ज्वेलरी शोरूम में आरोपियों ने चोरी की थी। चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर रखी ज्वैलरी और रुपये ले गए। अपने साथ चोर वहां लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी ले गए थे। राजेश बाफना कांग्रेस के महामंत्री भी हैं। उनकी अर्जुंदा क्षेत्र में बाफना ज्वैलर्स के नाम से शोरूम है। देर रात चोरों ने इसी शोरूम को निशाना बनाया। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में चार नकाबपोश संदिग्ध नजर आए थे। यहीं से पुलिस कड़ी दर कड़ी जोड़कर चोरों तक पहुंच गई।