कांग्रेस उम्मीदवारों की दूसरी सूची में किसका टिकट कटा, किसकी चली? जानें सबकुछ

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की दूसरी सूची का एलान कर दिया गया है। दूसरी सूची में राज्य के 53 उम्मीदवारों के नाम हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने 53 नामों वाली दूसरी सूची जारी कर दी है। इससे पहले रविवार को पार्टी ने 30 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे। इस तरह से 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए कांग्रेस ने अब तक 83 उमीदवार घोषित कर दिए हैं।

आइये जानते हैं कांग्रेस द्वारा जारी की गई दूसरी सूची में क्या खास है? पहली सूची में क्या विशेष रहा?

53 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान
दूसरी सूची में आठ विधायकों के टिकट काटे गए हैं। जिन सीटों पर टिकट कटे हैं उनमें मनेन्द्रगढ़, रामानुजगंज, सामरी, लैलूंगा, पाली-तानाखार, बिलाईगढ़, धरसींवा, और जगदलपुर शामिल हैं। मनेन्द्रगढ़ सीट में कांग्रेस ने विनय जायसवाल की जगह रमेश सिंह को उम्मीदवार बनाया है। विनय को भी अपनी उम्मीदवारी पर संशय था जिसका जिक्र वह एक वायरल ऑडियो में करते सुने जा सकते हैं।

रामानुजगंज से बृहस्पत सिंह के स्थान पर अंबिकापुर के महापौर डॉ. अजय तिर्की को उम्मीदवारी दी गई है। तिर्की को टीएस सिंहदेव का करीबी बताया जाता है। वहीं, बृहस्पत सिंह और सिंहदेव की अनबन की खबरें रायपुर के सियासी गलियारों में आम रही हैं।

सामरी से चिंतामणि महाराज का टिकट कटा है। उनके स्थान पर विजय पैकारा को प्रत्याशी बनाया गया है। चिंतामणि को पहले से ही अपना टिकट कटने का अंदेशा था। यही कारण है कि अगस्त में चिंतामणि ने खुद एक वीडियो जारी किया था जिसमें वह खुद को टिकट नहीं मिलने पर जनता द्वारा चुनाव के बहिष्कार की बात कह रहे थे। यह सीट भी टीएस सिंहदेव के गृह जिले सरगुजा में पड़ती है।

बहू को टिकट नहीं दिला पाए चक्रधर सिंह
लैलूंगा सीट पर मौजूदा विधायक चक्रधर सिंह सिदार का पत्ता कट गया है। चक्रधर ने अपनी पुत्रवधु और जिला पंचायत सदस्य यशोमती सिदार का नाम किया था लेकिन टिकट विद्यावती सिदार को मिला है। विद्याेवती ने हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।

पाली-तानाखार से मोहित राम की जगह जनपद अध्यक्ष दुलेश्वरी सिदार को उम्मीदवार बनाया गया है। पहले से ही इस बात की चर्चा थी कि कांग्रेस यहां से महिला प्रत्याशी को उतार सकती है। मौजूदा विधायक मोहित राम अंतिम समय तक प्रयासों में लगे हुए थे लेकिन कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार को प्राथमिकता दी।

बिलाईगढ़ से चंद्रदेव प्रसाद राय के स्थान पर कविता प्राण लहारे को उम्मीदवारी दी गई है। चंद्रदेव प्रसाद राय को अपनी उम्मीदवारी के बारे में पहले से ही संशय था। यही कारण है कि राय पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे लेकिन प्रयास असफल रहा। धरसींवा विधानसभा सीट पर अनीता योगेंद्र शर्मा को टिकट नहीं मिला है। अनीता का टिकट काटकर छाया वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है।

सत्यनारायण शर्मा की जगह उनके बेटे को टिकट
रायपुर सिटी ग्रामीण सीट से सत्यनारायण शर्मा की जगह उनके बेटे पंकज शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया गया है। दरअसल, इसी साल अगस्त में सत्यनारायण शर्मा विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया था। उनके बेटे पंकज शर्मा ने इस बार रायपुर ग्रामीण से दावेदारी पेश की थी जिसपर मुहर लग गई है।

जगदलपुर विधानसभा सीट से रेखचंद जैन की जगह जतिन जायसवाल उम्मीदवार बनाए गए हैं। बताया गया कि इस सीट पर दिल्ली में मलकीत सिंह गैदू और जतिन के नाम में पेंच फंसा था। टीएस सिंहदेव जतिन जायसवाल के नाम पर अड़े थे जबकि पीसीसी चीफ मलकीत को टिकट चाहते थे। अंततः कांग्रेस ने जतिन को उम्मीदवार बनाया है।

अब जानते हैं पहली सूची में क्या खास था?
इससे पहले रविवार को कांग्रेस ने 30 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया था। पहली सूची में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव का भी नाम शामिल था। बघेल अपनी परंपरागत पाटन सीट से मैदान उतरे हैं। यहां उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार और उनके भतीजे विजय बघेल से होगा। विजय इस वक्त भाजपा सांसद हैं। इसी तरह उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को एक बार फिर अंबिकापुर से पार्टी ने टिकट दिया। यहां अभी भाजपा ने अपने उम्मीदवार का एलान नहीं किया है। पहली सूची में भी पार्टी ने आठ विधायकों के टिकट काट दिए थे। वहीं, एक की सीट बदल दी गई थी।

पहली सूची में क्या किनका पत्ता कटा?
कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में प्रतापपुर, नवागढ़, पंडरिया, डोंगरगढ़, खुज्जी, अंतागढ़ और कांकेर के मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया था। प्रतापपुर में डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की जगह राजकुमारी मरावी, पंडरिया में ममता चंद्राकर की जगह नीलकंठ चंद्रवंशी, डोंगरगढ़ में भुनेश्वर शोभाराम बघेल की जगह हर्षिता स्वामी बघेल, खुज्जी से छन्नी चंदू साहू की जगह भोला राम साहू, कांकेर में अनूप नाग की जगह शिशुपाल शोरी को उम्मीदवारी थमाई गई है।

बघेल सरकार के सभी मंत्रियों को फिर से टिकट, विधानसभा अध्यक्ष मंहत भी मैदान में
पहली सूची जारी कर विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत को सक्ती से फिर से टिकट दिया गया। भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के साथ ही कैबिनेट में शामिल सभी 13 मंत्रियों को फिर से टिकट मिला। कैबिनेट मंत्री और दुर्ग ग्रामीण से विधायक ताम्रध्वज साहू फिर इसी सीट से मैदान में होंगे। बघेल सरकार के अन्य मंत्रियों कवासी लखमा कोंटा, रवींद्र चौबे को साजा, मोहम्मद अकबर को कवर्धा, शिवकुमार डहेरिया को आरंग, अनिला भेंडिया को डौंडीलोहारा, जय सिंह अग्रवाल को कोरबा, उमेश पटेल को खरासिया, अमरजीत भगत को सीतापुर, मोहन मरकाम को कोंडागांव से टिकट दिया गया।

मंत्री गुरु रुद्र कुमार की सीट बदली गई, सांसद बैज को भी टिकट
अहिवारा विधायक और भूपेश बघेल सरकार में मंत्री गुरु रुद्र कुमार की सीट बदल दी गई है। उन्हें इस बार अहिवारा की जगह नवागढ़ सीट से मैदान में उतारा गया है। पार्टी के इकलौते सांसद दीपक बैज को चित्रकोट से मैदान में उतारा गया है। बैज अभी बस्तर लोकसभा सीट से सांसद हैं।

देवती कर्मा की जगह उनके बेटे को टिकट
पूर्व पार्टी अध्यक्ष महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा को टिकट दिया है। 2018 के चुनाव में छविंद्र यहां से अपनी मां देवती कर्मा के खिलाफ सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतर गए थे। हालांकि, मां के मानने पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद भी देवती कर्मा नजदीकी मुकाबले में भाजपा के भीमा मंडावी से 2,172 वोट से हार गईं थीं। 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान भीमा मंडावी की नक्सली हमले में हत्या हो गई थी। इसके बाद हुए उप-चुनाव में यहां से देवती कर्मा जीतीं थीं। इस पार्टी ने उनकी जगह उनके बेटे को टिकट दिया है।