दुर्ग जिला अस्पताल में पिटाई से मरीज की मौत, सुरक्षा गार्डों पर लगा गंभीर आरोप

दुर्ग। दुर्ग जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीज और उसके परिजनों के साथ सुरक्षा गार्डों के द्वारा मारपीट की वीडियो वायरल हुआ था। जिस मरीज को जमीन पर बांधकर लेटाया गया था उसकी तबियत बिगड़ने से मौत हो गई। कोतवाली पुलिस जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कह रही है।

दुर्ग के जिला चिकित्सालय में हुई इस मारपीट की घटना को पहले तो पुलिस ने हल्के में लिया। पर जब मरीज की मौत हो गई, तो कोतवाली पुलिस ने तत्काल इसकी जांच शुरू की गई। बता दें कि मानसिक रूप से अवसाद ग्रस्त मरीज को दो दिन पहले जिला अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था।

बदहवास मरीज काफी उन्मादी हो कर उटपटांग हरकते करने लगा। इससे मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्डों और अस्पताल के अन्य स्टाफ ने मिलकर उसकी व उसके परिजनों की पिटाई कर दी थी। घटना के बाद मरीज को जिला अस्पताल से रिफर कर शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहाँ इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। वहीं शुरूआती जांच में यह भी मालूम चला है, कि मृतक खुर्सीपार निवासी श्रवण सिंग की किडनी लीवर लगभग खराब थी। क्योंकि वह शराब का आदि था।

जानिए क्‍या है पूरा मामला
दरअसल, यह घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भिलाई के कैंप क्षेत्र में रहने वाला श्रवण कुमार एक 40 वर्षीय युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। युवक के सिर में चोट लगी थी। मरीज को कैजुअल्टी के निकट स्थित ड्रेसिंग रूम में ले जाया गया।

मरीज का हाथ बांधकर जमीन पर लिटा दिया
इस दौरान मरीज वहां मौजूद स्टाफ से विवाद करने लगा। वह ड्रेसिंग रूम में रखी कैंची सहित अन्य सामान को इधर-उधर फेंकने लगा। मौके पर मौजूद एक चिकित्सक मरीज को समझाने पहुंचा, लेकिन मरीज ने उसकी भी नहीं सुनी। स्थिति को देखते हुए अस्पताल में ड्यूटी कर रह रहे सुरक्षा गार्डों को बुलाया गया। मरीज का हाथ बांधकर उसे जमीन पर लिटा दिया गया।

मरीज के स्वजनों के साथ सुरक्षा गार्डों ने की मारपीट
इसे देखकर मरीज के साथ गए श्रवण और उसकी बहन व मां भड़क गए। विवाद बढ़ने पर मरीज के स्वजनों के साथ सुरक्षा गार्डों ने मारपीट की। इसके बाद स्वजन भी सुरक्षा गार्डों से भिड़ गए। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में मरीज को जिला अस्पताल से दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। सुरक्षा गार्डों ने घटना की शिकायत सिविल सर्जन से की है