भिलाई इस्पात सयंत्र की AGM महिला अधिकारी ने विभाग में मचाया हंगामा,तोड़फोड़ मामले में सस्पेंड,दहशत में कर्मचारी

भिलाई इस्पात संयंत्र के इंटरनल ऑडिट में कार्यरत एजीएम प्रियंका को विभाग में हंगामा करना भारी पड़ गया। वह जिस तरह से विभाग के सामानों को नुकसान पहुंचा रही थी, इसके बाद प्रशिक्षु पर टिफिन फेंककर हमला किया। वह सबकुछ सीसीटीवी फुटेज में सुरक्षित हो गया। प्रबंधन ने सारे सबूतों को एकत्र करने के बाद महिला अधिकारी को निलंबित कर दिया है।

गेट पर सीआईएसएफ से तकरार

एजीएम सुबह ड्यूटी पहुंची, तो उन्होंने कैश काउंटर क्षेत्र से इस्पात भवन में प्रवेश किया। इस गेट पर सीआईएसएफ की दो महिला इंस्पेक्टर तैनात थी। यहां भी तकरार की स्थिति बनी।

पहले कम्प्यूटर को गिराया

वह अपने विभाग में दोपहर के वक्त कम्प्यूटर को गिरा देती हैं। इसके बाद भीतर की ओर जाती है, आधे रास्ते से लौट कर आ जाती है। नाराजगी में जिस तरह से इधर से उधर होते हैं, उस तरह से हावभाव नजर आते हैं। मातहत कर्मचारी बैठकर अपना काम कर रहे हैं, साथ ही एजीएम को भी देख रहे हैं।

जग का पानी डाल देती हैं टेबल में

वह कक्ष तक जाकर, लौटती हैं और दूसरे टेबल में रखे जग को उठा लेती हैं। इसके बाद उस जग के पानी को टेबल में डालना शुरू करती है। पूरा पानी टेबल में अलग-अलग जगह पर उंडेल देती है।

टिफिन उछाला ट्रेनी पर

एजीएम ने टिफिन को उठाया और ट्रेनी की ओर उछाल दिया। टिफिन ट्रेनी के सिर पर लगा। इस बात को लेकर ही हंगामा शुरू हुआ। पहले यह मामला भट्ठी थाना तक गया, इसके बाद उक्त मामले में पुलिस से कार्रवाई नहीं करने के लिए आवेदन दिया गया। इस तरह से मामला शांत हो गया।

फुटेज देखने के बाद प्रबंधन आया हरकत में
प्रबंधन ने शुक्रवार को फुटेज देखने के बाद शाम को एजीएम को निलंबित का आदेश जारी कर दिया है। जांच के बाद चार्जशीट जारी की जाएगी।

किया गया है निलंबित

भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक एजीएम के खिलाफ कुछ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की जांच होने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

क्या कहना है एजीएम का

एजीएम प्रियंका ने बताया कि वह इस विभाग में करीब 8 साल से काम कर रही हैं। यहां बैठने के लिए कुर्सी और टेबल तक नहीं दिया जाता था, लगातार प्रताडि़त किया जा रहा था। तीन साल काम करने के बाद उन्होंने खुद इस विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर करने की मांग की। यहां के अधिकारी चाहते हैं कि यहां से उनका ट्रांसफर हो जाए, तो अपने करीबियों को लेकर आए। इस वजह से हटाने के लिए तरह-तरह से प्रयास किया जाता रहा है। उनको चिढ़ाने के लिए ट्रेनी को तमाम सुविधा दी जा रही थी, यह देख वह नाराज हो गई। अब निलंबित किए हैं, कारण स्पष्ट नहीं है।