चौंकाने वाला हत्याकांड का खुलासा: ऑटो चालक ने खुद की हत्या का षड्यंत्र रचा,बदला रूप,एसपी बोले- नहीं देखा ऐसा मामला

ऑटो चालक ने यात्री की हत्या कर खुद की हत्या का षड्यंत्र रचा और मृतक के कपड़े बदल कर अपना मुंडन कराकर चुरामन साव बन गया, पुलिस ने मामले में आरोपी ऑटो चालक शंकर शास्त्री को गिरफ्तार कर लिया है और मृतक की पहचान के लिए झारखण्ड से परिजनों को बुलाया है।

जांजगीर चाम्पा जिले के पंतोरा चौकी के भारत माला सडक में 36 घंटे पहले ऑटो चालक की हत्या के मामले को सुलझाने में जांजगीर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मामले के बारे में पुलिस अधीक्षक ने अपने अब तक के कार्यकाल में इस तरह का मामला नहीं देखने का दावा किया। क्योंकि ऐसा सिर्फ फिल्मों में ही देखने को मिलता है। ऑटो चालक ने यात्री की हत्या कर खुद की हत्या का षड़यंत्र रचा, और मृतक के कपड़े बदल कर अपना मुंडन कराकर चुरामन साव बन गया, पुलिस ने मामले में आरोपी ऑटो चालक शंकर शास्त्री को गिरफ्तार कर लिया है और मृतक की पहचान के लिए झारखण्ड से परिजनों को बुलाया है। साथ ही पुलिस ने दफ़न शव को निकालने के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी से अनुमति मांगी है।

25-26 दिसंबर की रात एक शव मिलने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान करने में धोखा खा गई। पुलिस ने शव की पहचान ऑटो मालिक शंकर शास्त्री के रूप में की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जिसे परिजनों ने अपने गाँव बिलासपुर भाठापारा में दफ़न कर दिया।

पंतोरा पुलिस ने ऑटो चालक शंकर शास्त्री की हत्या के मामले में आरोपी की तलाश शुरू की, बिलासपुर, बलौदा और पंतोरा के सीसटीवी फुटेज को खंगाला गया जिसमें ऑटो में चालक के साथ एक सवारी भी दिखी। साइबर पुलिस को रात में झारखण्ड के चुरामन साव का मोबाईल लोकेशन घटना स्थल पर मिला और उसी नंबर के वाट्सअप में कोरबा पुराना बस स्टैंड के ज्योति होटल का लोकेशन मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने चुरामन साव की तलाश शुरू की और एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जिसमे आरोपी ने खुद को ऑटो चालक शंकर शास्त्री होना बताया और मृतक को चुरामन साव होना बताया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चुरामन साव झारखण्ड से बिलासपुर पंहुचा था, 25 दिसंबर की रात कोरबा जाने की तैयारी में था लेकिन बस और ट्रेन नहीं होने के कारण शंकर शास्त्री के ऑटो को 12 सौ रूपये में किराये पर लेकर कोरबा जा रहा था। बिलासपुर से निकलने के बाद ऑटो कई बार रुक-रुक कर चलने लगी, जिसके कारण चुरामन साव ने चालक के साथ गाली गलौज कर दी, दोनों ने शराब पी रखी थी। चुरामन के गाली गलौज करने से ऑटो चालक ने चुरामन को मारने का मन बना लिया। रास्ते में ऑटो चाालक ने चुरामन की पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी।
इतना ही नहीं आरोपी ने मृतक के कपडे खुद पहन लिया और अपने कपड़े, आधार कार्ड और मोबाइल मृतक के पास छोड़ दिया जिसके कारण पुलिस ही नहीं उसके परिजन भी धोखा खा गए और शंकर शास्त्री का शव समझकर दफन कर दिया। इस मामले के खुलासा होने के बाद पुलिस ने झारखण्ड में चुरामन साव के परिजनों को सूचना देकर बुलाया है और दफन शव की पहचान करने के लिए दंडाधिकारी से खुदाई की अनुमति मांगी है।