केरल के साथ एकजुटता प्रदर्शित किया भिलाई के माकपा एवं सीटू ने

केरल के साथ एकजुटता प्रदर्शित किया भिलाई के माकपा एवं सीटू ने

एलडीएफ के नेतृत्व वाली केरल सरकार को केंद्र में शासित भाजपा के नेतृत्व वाले कॉर्पोरेट सांप्रदायिक गठजोड़ सरकार द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, आज दिल्ली के जंतर मंतर पर केरल, दिल्ली एवं पंजाब की राज्य सरकार धरना प्रदर्शन कर रही हैं वहीं पूरे देश के अंदर वामपंथी संगठने इस आंदोलन के साथ एकजुटता प्रदर्शित कर रहे है जिसके तहत भिलाई में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और सीटू ने अपने सभी सहयोगियों और उनके सदस्यों, समर्थकों के साथ आज 8 फरवरी को शाम 5:30 बजे से 6:30 बजे तक सेल परिवार चौक (सिविक सेंटर के पास) भिलाई में केरल के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए सभा का आयोजन किया ।

विपक्ष शासित राज्य सरकारों के खिलाफ षडयंत्र कर रहा है केंद्र सरकार

कुछ राज्यों में चुनाव जीतकर एवं अन्य राज्यों में दूसरे चुनी हुई सरकारों पर प्रवर्तन निदेशालय ई डी का छापा मरवाकर, डराकर, हड़पकर 17 राज्यों में केंद्र की डबल इंजन की सरकार चल रही है जिसका ताजा उदाहरण पिछले दिनों बिहार में देखने को मिला, वही विपक्ष शासित राज्य में जहां केंद्र सरकार का डर काम नहीं आ रहा है वहां पर लगातार षड्यंत्र किया जा रहा है एवं किसी भी तरह से वहां के राज्य सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास जारी है इसके खिलाफ विपक्ष शासित राज्य लगातार संघर्ष कर रहे हैं यदि केंद्र सरकार ईमानदार है तो वह सत्तासीन होते समय जिन मुद्दों को लोगों के बीच रखा था उन्हीं मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़े एवं सत्ता में आकर दिखाएं

श्रमिक, किसान एवं जन समर्थन वैकल्पिक नीतियों का अनुसरण करता है केरल सरकार

वामपंथी नेताओं ने कहा कि केरल सरकार श्रमिक-समर्थक, किसान-समर्थक, जन-समर्थक वैकल्पिक नीतियों का अनुसरण करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा में मजबूती से खड़ा है। जबकि केंद्र सरकार जिन नीतियों पर चल रहा है उससे न केवल श्रमिक एवं किसान हाशिए पर चले गए हैं बल्कि आमजन भी लगातार महंगाई बेरोजगारी एवं अत्याचार के शिकार हो रहे हैं

50% टैक्स वापस करने का वकालत करते थे वर्तमान प्रधानमंत्री

15 वे फाइनेंस कमिशन की सिफारिश को लागू होने के बाद केंद्र की तरफ से राज्यों को मिलने वाले टैक्स में लगातार कटौती हुई है जब वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे तब उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार जितना टैक्स एकत्रित कर केंद्र सरकार को देती है उसका 50% हिस्सा राज्यों को वापस किया जाना चाहिए ताकि राज्यों का सही रूप में विकास किया जा सके किंतु अब प्रधानमंत्री बन जाने के बाद वे ठीक इसके विपरीत कार्य कर रहे हैं

निरंकुश होती जा रही है केंद्र सरकार

केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी राज्यों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करें किंतु इसके ठीक उलट केंद्र सरकार लगातार निरंकुश होती जा रही है एवं भाजपा शासित राज्यों एवं विपक्ष शासित राज्यों में भेदभाव कर रही है जो देश के विकास के लिए ठीक नहीं है

राज्यों का हक मार कर देश का विकास करना संभव नहीं

नेताओं ने कहा कि हमारे देश में बहुदलीय प्रणाली है इसीलिए अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग राज्य सरकारों का होना स्वाभाविक है किंतु देश का विकास तभी संभव है जब सभी राज्यों का सही मायने में विकास हो किंतु केंद्र सरकार जिस तरह से राज्यों के बीच भेदभाव करते हुए कुछ राज्यों का हक मार रही है इससे देश का विकास करना संभव नहीं है इसीलिए इस भेदभाव के खिलाफ विपक्ष शासित राज्यों का संघर्ष जारी है इस संघर्ष का उद्देश्य किसी पर विजय पाना नहीं बल्कि अपने राज्य के जनता का हक हासिल करना है

राज्य संचालित योजनाओं में अपना प्रचार चाहता है केंद्र

सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता ने कहा कि केंद्र के साथ-साथ बहुत सी योजनाएं अलग-अलग राज्यों द्वारा राज्य स्तर पर संचालित होती हैं जिसके लिए आवश्यक फंड राज्य एवं केंद्र दोनों स्तर पर जुटाए जाते हैं किंतु केंद्र सरकार राज्य संचालित योजनाओं पर अपना प्रचार चाहती है जिसके तहत हर योजना पर देश के प्रधानमंत्री के तस्वीर के साथ-साथ उनकी उपलब्धियां का बखान भी करवाना चाहती है जो राज्य इससे इनकार करते हैं उस राज्य का फंड केंद्र सरकार द्वारा रोकने की घटनाएं भी सामने आ रही है