विधायक रिकेश सेन के खनिज निधि (डीएमएफ फंड) आबंटन और क्लब पर खर्च की जांच की मांग पर मुख्यमंत्री ने दी सहमति,शून्य काल में 20 हजार पट्टे लौटाने की मांग की

विधायक रिकेश सेन के खनिज निधि (डीएमएफ फंड) आबंटन और क्लब पर खर्च की जांच की मांग पर मुख्यमंत्री ने दी सहमति,शून्य काल में 20 हजार पट्टे लौटाने की मांग भी

प्रदेश के राजीव युवा मितान क्लब के गठन और खर्चों पर आज विधानसभा में जमकर शोर-शराबा हुआ। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने आरोप लगाया कि राजीव मितान क्लब का उद्देश्य खाओ-पियो और मौज करो रह गया था इसलिए राजीव मितान क्लब को भंग किया जाए। साथ ही अब तक के खर्चों की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) के तहत पिछले 5 वर्षों से आबंटित खनिज निधि की जांच कराए जाने की भी मांग की जिस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वीकृति देते हुए कहा कि जांच अवश्य की जाएगी। आज प्रश्नकाल में कांग्रेस सदस्य श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी के सवाल के जवाब में खेलमंत्री ने बताया कि प्रदेश में एक लाख राजीव मितान क्लब का गठन किया गया है। क्लब के जरिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, रामायण महोत्सव आदि गतिविधियां होती हैं। उन्होंने कहा कि करीब 132 करोड़ रूपए क्लब के लिए प्रावधान किए गए थे। खेलमंत्री ने बताया कि करीब 40 करोड़ रूपए बाकी हैं। विधायक रिकेश सेन ने राजीव मितान क्लब के गठन और इसके तहत अब तक आबंटित राशि की जांच कर तब तक शेष बकाया रोकने की भी मांग करते हुए राजीव मितान क्लब के गठन के औचित्य पर सवाल खड़े किए। इस दौरान सदन में जमर शोर-शराबा भी हुआ।


वैशाली नगर के जमा 20 हजार से ज्यादा पट्टा लौटाया जाए
शून्य काल में वैशाली नगर विधायक ने पूर्व सरकार द्वारा नवीनीकरण के नाम पर उनकी विधानसभा से जमा कराए गए 20 हजार से अधिक पट्टे वापस किए जाने की मांग करते हुए बताया कि महीनों पहले जमा कराए गए पट्टों का कोई माई बाप नहीं है। लोग अपने पट्टा नवीनीकरण की बाट जोहते थक गए लेकिन न तो नवीनीकरण किया गया और न ही पट्टाधारक को पट्टा लौटाया गया है। श्री सेन ने कहा कि हजारों लोगों का पट्टा जमा करवा कर पूर्व सरकार ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित कर रखा था, लोग पट्टा वापस लेने भटक रहे हैं और अधिकारियों को उनका पट्टा खोजे मिल नहीं रहा, उन्हें काउंटर से लौटा दिया जा रहा है अतः व्यवस्था बना कर सभी का पट्टा उनको ससम्मान लौटाया जाए ताकि वो प्रधानमंत्री मंत्री आवास योजना का लाभ ले सकें।