केंद्रीय जेल दुर्ग में बंद विचाराधीन बंदी की मौत: खुर्सीपार में हुए शुभम हत्याकांड के मामले में था बंद…सामने आई बड़ी वजह…!!

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में खुर्सीपार में हुए शुभम हत्याकांड के मुख्य आरोपी सेवक राम निषाद की मौत हो गई है।

बताया जा रहा है कि सेवक की मौत हार्ट अटैक से हुई है। शव का जज के समक्ष पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया है। वहीं इसकी न्यायिक जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक 8 मार्च 2023 को खुर्सीपार में शुभम राजपूत नाम के युवक की हत्या के आरोप में सेवक राम निषाद जेल में बंद था। उसे कान के टीबी की शिकायत थी, जिसका उपचार भी जेल अस्पताल में ही चल रहा था।
सुबह करीब 8.30 बजे जब वह अपने बैरक के पास घूम रहा था, तभी अचानक उसके सीने में दर्द उठा और वह गिर पड़ा।

वहां मौजूद लोगों ने उसे जेल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना जेल प्रशासन ने तत्काल पुलिस और जेल के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत की बात कही जा रही है। बता दें कि 8 मार्च 2023 को खुर्सीपार में सभी होली खेल रहे थे। सेवक चिकन लेने जा रहा था, तभी वहां शुभम राजपूत पहुंचकर उससे रुपए छीनने लगा तो आरोपी सेवक ने उससे धारदार हथियार छीनकर शुभम की हत्या कर दी। उक्त हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी सेवकराम को गिरफ्तार किया था। घटना के 9 महीने बाद अचानक से तपन सरकार को इस हत्याकांड से जोड़ा गया था। पुलिस का तर्क था कि तपन सरकार के कहने पर सेवकराम ने शुभम राजपूत की हत्या की थी। दुर्ग केंद्रीय जेल अधीक्षक आरआर राय ने बताया कि जेल आने से पहले ही सेवक टीबी का इलाज करवा रहा था। जेल के अस्पताल में भी इलाज चल रहा था। बुधवार को उसकी मौत हुई है। न्यायिक जांच जारी है।