Electoral Bonds Case: 2019 से 2024 के बीच खरीदे गए 22,217 चुनावी बॉन्ड, SBI ने हलफनामा दाखिल कर SC को दी जानकारी,जानिए क्या है पूरा मामला

SBI ने चुनावी बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। SBI के चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि 1 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22217 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए हैं। जिसमें से 22030 कैश करवाए गए हैं। SBI के चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आदेश के मुताबिक चुनावी बॉन्ड के चंदे की जानकारी उपलब्ध करवा दी है।

SBI ने हलफनामा दाखिल कर SC को दी चुनावी चंदे की जानकारी।SBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- चुनाव आयोग को दिया गया चुनावी बॉन्ड का विवरण,1 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22,217 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने चुनावी बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। SBI के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि 1 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22,217 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए हैं।
SBI के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आदेश के मुताबिक चुनाव आयोग को चुनावी बॉन्ड के चंदे की जानकारी उपलब्ध करवा दी है। साथ ही चुनावी बॉन्ड को भुनाने की तारीख, चंदा प्राप्त करने वाले राजनीतिक दलों के नाम का विवरण भी चुनाव आयोग को उपलब्ध करवाया गया है।

चुनावी चंदे का ब्योरा
1 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22,217 चुनावी बॉन्ड बिके, जिसमें से 22,030 कैश करवाए गए हैं।
12 अप्रैल, 2019 से 15 फरवरी, 2024 तक कुल 18,871 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए और 20,421 को कैश करवाया गया।
1 अप्रैल, 2019 और 11 अप्रैल, 2019 के बीच कुल 3,346 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए और उनमें से 1,609 को कैश करवाया गया।
SBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 14 अप्रैल, 2019 और 15 फरवरी, 2024 के बीच खरीदे और कैश करवाए गए चुनावी बॉन्ड के संबंध में चुनाव आयोग को डेटा उपलब्ध कराया गया है।
चुनावी बांड की खरीद की तारीख, खरीददारों के नाम और उनके मूल्यवर्ग का विवरण EC को दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने SBI को लगाई थी फटकार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने SBI को फटकार लगाते हुए चुनाव आयोग को 12 मार्च तक चुनावी बॉन्ड से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। CJI ने SBI से कहा था कि 26 दिन में आपने क्या किया। ये बेहद गंभीर मामला है।

क्या है मामला?
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को चुनावी बॉन्ड से संबंधित मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड की राशि का 13 मार्च तक खुलासा करने को कहा था। हालांकि, SBI ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा था, जिसे सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने खारिज कर दिया।