छत्तीसगढ़ में आदिवासी बच्चों के जिंदगी से खिलवाड़…,मासूम बच्चों को मेंढक का अचार और एक्सपायर हो चुके बेसन के पकौड़े खिला रहे हैं,बच्चों को यह क्या परोसा जा रहा?

बलरामपुर जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बच्चों को मरे हुए मेंढक का अचार और एक्सपायर हो चुके बेसन से बने पकौड़े दिए जा रहे हैं।

अगर आप खाना खा रहे हैं और अचार में आपको मरा हुआ मेंढक मिले तो कैसा लगेगा? ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सामने आया है, जहां एकलव्य आवासीय विद्यालय में मिड डे मील के समय अचार में मरा हुआ मेंढक मिलने से हड़कंप मच गया। इसके साथ ही, विद्यालय में एक्सपायर हो चुके बेसन से पकौड़े बनाने के फोटो और वीडियो भी सामने आए हैं, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़
मिली जानकारी के मुताबिक, एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यह उन्हें एक्सपायर हो चुके बेसन के पकौड़े और मरे हुए मेंढक का अचार परोसा जा रहा है। जब इसके फोटो और वीडियो वायरल हुए तो लोगों को इस बारे में जानकारी हुई। इससे वे काफी आक्रोशित हैं।

लोगों की बातों को किया गया नजरअंदाज
रामानुजगंज में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के वायरल हो रहे वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग कह रहे हैं कि बेसन को एक्सपायर हुए 3 महीने हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी बातों को अनदेखा कर खाना तैयार किया जा रहा है।

मिड डे मील को लेकर बच्चों ने पहले भी उठाई थी आवाज
मिड डे मील को लेकर बच्चों ने पहले भी पूर्व आचार्य के खिलाफ इसकी शिकायत की थी। शिकायत के तुरंत बाद प्राचार्य के ऊपर कार्रवाई करते हुए उन्हें कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी में अटैच कर उनकी जगह नए प्राचार्य को पदभार दिया गया था, लेकिन नए प्राचार्य के देख-रेख के अभाव के कारण बच्चों की थाली में मरे हुआ मेंढक का अचार और एक्सपायर हो चुके बेसन से बने पकौड़े परोसे जा रहे हैं।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
रामानुजगंज के एसडीएम देवेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें व्हाट्सएप वीडियो के जरिए मामले की जानकारी मिली है। जो भी दोषी लोग हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।