आशोका बिरयानी में लगा ताला: दो कर्मचारियों की मौत और पत्रकारों से मारपीट के बाद अशोका बिरयानी बंद, जानिए गृह मंत्री विजय शर्मा ने क्या कहा…

अशोका बिरयानी में पत्रकारों के साथ मारपीट मामले को डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने गंभीरता से लिया है। सीएम के आदेश के बाद बिरयानी सेंटर के तीन कर्मचारियों की आज गिरफ्तारी होगी। साथ ही होटल को भी बंद करवा दिया गया है।

राजधानी के आशोका बिरयानी में दो कर्मचारियों की गटर में मिली लाश के बाद कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से मारपीट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। होटल को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। साथ ही आज इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए आशोका बिरयानी के तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। मालूम हो कि डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे।

इधर इस घटना पर छत्तीसगढ़ क्रांती सेना ने मृतक कर्मचारियों के परिजनों के साथ आशोका बिरयानी का घेराव कर दिया है। परिजनों के द्वारा दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस की टीम भी मौके पर है और प्रदर्शनकारियों को समझाने में जुटी हुई है।

दरअसल, तेलीबांधा के अशोका बिरयानी के गटर में 18 अप्रैल को दो कर्मचारियों की संदिग्ध लाश मिली, पुलिस के मुताबिक दोनों साफ सफाई के लिए गटर में उतरे थे। इस दौरान दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारी होटल में इलेक्ट्रिशियन थे।

इधर घटना की जानकारी मिलते ही मीडिया के साथी कवरेज करने पहुंचे। इसी दौरान अशोका बिरयानी की महिला कर्मचारियों ने बाउंसर की तरह आगे आकर पत्रकारों को कवरेज करने से रोकना शुरू किया। पत्रकारों ने कवरेज करने की बात कही तो महिला कर्मी भड़क गई और पत्रकारों से बत्तमीजी करते हुए उनसे मारपीट करने लगी।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अशोका बिरयानी की है। 18 अप्रैल की सुबह बिरयानी सेंटर के दो कर्मचारियों की लाश गटर में मिली। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तेलीबांधा पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

अशोका बिरयानी में काम करते थे कर्मचारी

मृतकों की शिनाख्त डेविड साहू पिता यशवंत राम उम्र 19साल निवासी खामहरिया जिला धमतरी और नीलकुमार पटेल पिता जगदीश पटेल उम्र 30 साल निवासी खुटादरहा जांजगीर जिला जांजगीर-चांपा निवासी था। बताया जा रहा है कि तेलीबांधा स्थित अशोका बिरयानी के कर्मचारी बिना कोई सेफ्टी के गटर में साफ सफाई करने उतरे थे। इस दौरान शायद गड्ढे में जहरीले गैस के संपर्क में आ गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई होगी। फिलहाल मामले में जांच जारी है। जानकारी ये भी मिली है कि बिरयानी सेंटर वालों ने साफ सफाई के लिए एक गड्ढा बना कर रखा था। दोनों कर्मचारी अशोका बिरयानी में इलेक्ट्रिशियन थे और दोनों से गटर साफ करवाया जा रहा था।

बड़ा सवाल ये है कि क्या होटल का संचालक बाहर से कर्मचारी गटर साफ सफाई के लिए नहीं बुलाता था। और आखिर एक बिजली बनाने वालों से होटल में गटर की साफ सफाई क्यों कार्रवाई जा रही थी। ये पूरा जांच का मामला है। तेलीबांधा पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। और मृतकों की पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर माजरा क्या था।