लोकसभा चुनाव 2024: आज भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू नहीं डाल सकेंगे वोट, जानिए वजह

करीब पखवाड़े भर चले प्रचार अभियान के बाद आज कांकेर,राजनांदगांव और महासमुंद में वोटिंग शुरू हो गई है। आज करीब 8 घंटे मतदान होगा। लेकिन इस दौरान कांग्रेस के दो प्रत्याशी अपने लिए वोट नहीं कर पाएंगे। इनमें राजनांदगांव से भूपेश बघेल और महासमुंद से ताम्रध्वज साहू ।

बघेल पाटन और साहू दुर्ग ग्रामीण के मतदाता हैं। वहीं तीसरे चरण के चुनाव वाले कोरबा में भाजपा सरोज पांडे और जांजगीर से कांग्रेस के शिव डहरिया भी स्वयं को वोट नहीं दे पाएंंगे। इस चुनाव में जहां एक एक वोट कीमती है वहीं ये प्रत्याशी वोट नहीं कर पाएंगे।

बता दें कि तीनों सीटों पर ​तीन महिलाओं समेत कुल 41 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें सबसे ज्यादा 17 प्रत्याशी महासमुंद में हैं। ज​बकि राजनांदगांव में 15 और कांकेर में 9 प्रत्याशी हैं। इनके भाग्य का फैसला 52 लाख 84 हजार 938 वोटर करेंगे। इन सीटों पर पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। इनमें 26 लाख 79 हजार 528 महिलाएं हैं। जबकि पुरुष मतदाता 26 लाख 5,350 हैं। यानी महिला मतदाता पुरुषों से 74,178 ज्यादा हैं।

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए वोटिंग 26 अप्रैल यानी आज सुबह सात बजे से शुरू हो गई है।

इस चरण में 13 राज्यों की 88 सीटों पर मतदान होना है। राहुल गांधी, अरुण गोविल, हेमा मालिनी, शशि थरूर समेत अलग-अलग पार्टियों के कई दिग्गजों के सियासी भाग्य का फैसला इस चरण में होगा।

आइए जानते हैं इस चरण से जुड़ी कुछ बड़ी बातें और उन दिग्गजों के नाम जो चुनावी मैदान में हैं।

दूसरे चरण में कुल 1.67 लाख पोलिंग स्टेशन पर 15.88 करोड़ मतदाता मतदान में हिस्सा लेने वाले हैं. इनमें 8.08 करोड़ पुरुष, 7.8 करोड़ महिलाएं और 5929 थंर्ड जेंडर वोटर हैं। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे खत्म होगा।बिहार में बांका, मधेपुरा, खगड़िया और मुंगेर निर्वाचन क्षेत्रों के कई मतदान केन्‍द्रों पर गर्म मौसम की स्थिति में मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान का समय शाम 6 बजे तक बढ़ा दिया गया।

जिन 13 राज्यों में मतदान हो रहा है वो हैं- असम, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर।

दूसरे चरण में ये दिग्गज हैं मैदान में

राहुल गांधी: दूसरे चरण में वायनाड सीट पर वोटिंग हो रही है. केरल की वायनाड सीट से राहुल गांधी दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2019 में राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश की अमेठी के साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ा था. अमेठी में राहुल को बीजेपी की स्मृति इरानी से हार का सामना करना पड़ा था और वायनाड से जीत मिली थी.

पिछली बार राहुल गांधी ने वायनाड से रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल की थी. इस बार उनका मुक़ाबला सीपीआई की एनी राजा और बीजेपी नेता के सुरेंद्रन से है। एनी राजा सीपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य हैं. एनी पार्टी के महासचिव डी राजा की पत्नी हैं. वो नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वीमेन की महासचिव भी हैं. वहीं के सुरेंद्रन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं।

शशि थरूर: दूसरे चरण में केरल की तिरुवनंतपुरम सीट पर भी निगाहें हैं. यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर 2009 से लगातार जीतते आए हैं. इस बार बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को थरूर के ख़िलाफ़ उतारा है. सीपीआई से पन्नियन रवींद्रन मैदान में हैं।

हेमा मालिनी: बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से हेमा मालिनी पर एक बार फिर भरोसा जताया है. मथुरा लोकसभा सीट से हेमा मालिनी दो बार लोकसभा पहुंच चुकी हैं. हेमा ने साल 2014 में आरएलडी के जयंत चौधरी को और साल 2019 में एसपी-बीएसपी-आरएलडी गठबंधन के कुंवर नरेंद्र सिंह को बड़े मार्जिन से हराया था.

इस बार आरएलडी, बीजेपी के साथ है. हेमा मालिनी का मुक़ाबला कांग्रेस के मुकेश धनगर से है.

अरुण गोविल: दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश की मेरठ सीट पर भी निगाहें हैं. इस सीट से बीजेपी ने टीवी धारावाहिक रामायण में श्रीराम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को उतारा है. अरुण गोविल को तीन बार से सांसद चुने जा रहे राजेंद्र अग्रवाल की जगह बीजेपी ने सीट थमाया है.

मेरठ सीट पर समाजवादी पार्टी ने दो उम्मीदवारों को बदलने के बाद सुनीता वर्मा को मैदान में उतारा है. मेरठ नगर पालिका की चेयरमैन रहीं सुनीता वर्मा के पति योगेश वर्मा पूर्व विधायक हैं. बीएसपी ने देव व्रत त्यागी को उम्मीदवार बनाया है।

भूपेश बघेल: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल इस बार राजनांदगांव से मैदान में हैं. दूसरे चरण में इस सीट पर भी वोटिंग हो रही है. बघेल का मुक़ाबला यहां के मौजूदा सांसद संतोष पांडेय से है. इस सीट से बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके बेटे अभिषेक सिंह भी सांसद रह चुके हैं.

तेजस्वी सूर्या: बेंगलुरु दक्षिण सीट से तेजस्वी सूर्या मैदान में हैं. साल 2019 में इस सीट से लोकसभा पहुंचे तेजस्वी सूर्या दूसरी बार जीत दर्ज करने की तैयारी में जुटे हैं.

बेंगलुरु दक्षिण सीट पर मुक़ाबला दो युवाओं के बीच ही है. तेजस्वी सूर्या के सामने कांग्रेस ने सौम्या रेड्डी को उतारा है. सौम्या रेड्डी पिछले विधानसभा चुनाव में हार गई थीं. सौम्या के पिता रामलिंगा कर्नाटक सरकार में मंत्री हैं.

इस सीट की बात करें तो बीजेपी के दबदबे वाली बेंगलुरु दक्षिण सीट से बीजेपी के नेता अनंत कुमार 6 बार जीते हैं. साल 2019 में इस सीट से तेजस्वी उतरे और कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद को भारी मतों के अंतर से हराया था।

पप्पू यादव: दूसरे चरण में बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट पर भी वोटिंग हो रही है. इस सीट से पूर्व सांसद पप्पू यादव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. बिहार में विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे के बाद से ही यह सीट सुर्खियों में बनी हुई है.

पप्पू यादव ने अपनी जन अधिकार पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया है. लेकिन ये सीट विपक्षी गठबंधन में आरजेडी के खाते में हैं. आरजेडी ने बीमा भारती को यहां से उम्मीदवार बनाया है. माना जा रहा है कि इस बार पूर्णिया के लोकसभा चुनाव में तीन उम्मीदवारों के बीच वोटों का बड़ा हिस्सा बँट सकता है. इसमें तीसरे उम्मीदवार हैं जनता दल यूनाइटेड के संतोष कुशवाहा. संतोष कुशवाहा फ़िलहाल पूर्णिया के सांसद भी हैं.

रविंद्र सिंह भाटी: राजस्थान की बाड़मेर लोकसभा सीट से युवा नेता रविंद्र सिंह भाटी निर्दलीय मैदान में हैं. इस चुनाव में रविंद्र सिंह भाटी की ख़ूब चर्चा हुई है. उनकी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे थे. बाड़मेर के अलावा वो गुजरात के सूरत, महाराष्ट्र के पुणे जैसे शहरों में भी भारी भीड़ जुटा रहे थे।

भाटी बाड़मेर ज़िले की शिव सीट से विधायक हैं, तब भी उन्होंने निर्दलीय ही बीजेपी के उम्मीदवार को हराया था.

अब इस लोकसभा सीट से बीजेपी के कैलाश चौधरी, जो केंद्र में कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री हैं. कांग्रेस के उम्मेदाराम, मैदान में हैं. लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा भाटी की ही हो रही है.

वैभव गहलोत: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे और कांग्रेस नेता वैभव गहलोत इस बार जालौर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में गहलोत जोधपुर से लड़े थे. वैभव को बीजेपी उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ढाई लाख से ज़्यादा वोटों से हराया था. इस बार भी शेखावत जोधपुर से ही मैदान में हैं.

वैभव गहलोत इस बार जिस जालौर जिस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं वहां से बीजेपी चार बार से लगातार जीत रही है. 2004 में यहाँ से सुशीला बंगारू निर्वाचित हुईं और उसके बाद के तीन चुनावों 2009, 2014 और 2019 में बीजेपी के ही टिकट पर देवजी पटेल लोकसभा पहुँचे।