दुर्ग पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी: पहले एक साथ बैठकर पी शराब,दोस्तों ने मिलकर रुपयों के लिए उतारा था मौत के घाट,

दुर्ग जिले में पैसों के लेनदेन के चलते 3 दिन पहले एक युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है। वारदात के बाद आरोपियों ने बेहोशी हालात में युवक को सुलभ में छिपा दिया, फिर अगले दिन खुद डॉयल-108 को फोनकर सुलभ में लाश होने की जानकारी दी। मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र के गैंदी डबरी की है। दरअसल, 22 अप्रैल को तितुरडीह निवासी बंटी की सुलभ में लाश मिली थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। सभी को लग रहा था कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई होगी, लेकिन बाद में पता चला कि एक दिन पहले उसके साथ मारपीट की गई थी।

इस मामले में पुलिस ने मोहन नगर के ही तीन युवक आरोपी प्रकाश उर्फ पप्पू, राधेश्याम उर्फ बुद्धू और महावीर यादव को हिरासत में लिया है। उनसे हत्या के मामले में पूछताछ की जा रही है।बंटी स्टेशन के पास स्थित इंदौर सेव भंडार में हलवाई का काम करता था। वह केटरिंग का भी काम करता था। उसने तीन लड़कों को अपने साथ में काम करवाया था। जिसका पेमेंट करीब 5400 रुपए उन्हें लेना था।

आरोपियों को पता था कि बंटी इंदौर सेव भंडार में काम करता है। काम करवाने के बाद रुपए मांगने पर वो दे नहीं रहा था। जिस पर आरोपी उसकी दुकान में आ धमके। जिन्हें देख बंटी ने 1 हजार रुपए व्यवस्था कर दिया। फिर सभी वहां से चले गए। पैसे लेकर जाने के बाद रात में चारों गैंदी डबरी सुलभ के पास मैदान में ही जमकर शराब पिए। पीने के बाद तीनों ने रुपए की बात कहीं तो बंटी ने उनसे गाली-गलौज कर दिया। जिससे उनके बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि तीनों ने मिलकर बंटी की पिटाई कर दी। वो बेहोश होकर गिर गया। बारिश हो रही थी तो बेहोशी की हालत में तीनों आरोपियों ने बंटी को सुलभ के अंदर ले जाकर छोड़ दिया।

अगले दिन सुबह जब सुलभ में सबका आना जाना शुरू हुआ, तो लोगों ने उसे पड़ा देखा। किसी ने आरोपी युवकों को खबर दी। शक ना हो सोचकर आरोपी भी वहां पहुंचे और तुरंत राधेश्याम और प्रकाश ने फोन कर डायल 108 को सुलभ में लाश पड़े होने की सूचना दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची। सभी को लग रहा था कि बंटी को हार्ट अटैक हुआ है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जब जांच शुरू की, तो सुलभ के सामने ज्ञान सिंह बिल्डिंग और अधिवक्ता के घर में सीसीटीवी लगे होने का पता चला। जिसमें तीनों आरोपी फुटेज में बंटी को उठाकर सुलभ में लेकर जाते दिखे। जिसके बाद प्रकाश उर्फ पप्पू, राधेश्याम उर्फ बुद्धू और महावीर यादव को हिरासत में लिया गया।