दुर्ग में हत्याकांड का ऐसे हुआ खुलासा: खबर देने वाला ही निकला हत्यारा: सुलभ में छिपाई लाश,फिर थाने पहुंचकर दी सूचना,सामने आई बड़ी वजह…

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बीते दिनों हुए एक हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है।

मोहन नगर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई हलवाई ठेकदार की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पैसों के लेनदेन को लेकर हलवाई ठेकेदार की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। शव का शुलभ शौचालय के डबरी में ठिकाने लगा दिया। हत्या की सूचना एक आरोपी ने ही पुलिस को दी थी। पुलिस को मर्ग जांच के दौरान पीएम रिपोर्ट में हत्या का पता चला और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

मामले का खुलासा करते हुए दुर्ग शहर एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि प्रार्थी राधेश्याम वर्मा ने 22 अप्रैल को थाने में आकर बताया कि गेंदी डबरी शुलभ शौचालय में एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना पर थाना मोहन नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

शव की शिनाख्त तितुरडीह नायापारा निवासी शेखर यादव उर्फ बंटी के रूप हुई। शव का पीएम कराया गया और पीएम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई। जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई थी।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना देने वाले राधेश्याम यादव उर्फ बुद्ध पर शक हुआ। मृतक से राधेश्याम की दोस्ती थी। शक के आधार पर पुलिस ने राधेश्याम यादव, उसके दो साथी प्रकाश यादव उर्फ पप्पू व महावीर यादव उर्फ बातू को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

जिसमें आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस के पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शेखर यादव हलवाई ठेकेदारी का काम करता है और तीनों ने उसके पास काम किया था। काम के बाद पूरा पैसा नहीं दिया। पैसों की मांग करने पर घूमता था। इसी कारण आरोपियों ने मृतक को शराब पिलाकर उसकी हत्या कर दी।

आरोपियों ने हाथ, मुक्का, लात घूंसा, बांस के डंडे व अन्य हथियार से जमकर पीटा। इससे शेखर यादव की मौके पर मौत हो गई। बचने के लिए तीनों आरोपियों ने शव को शुलभ शौचालय के अंदर रख दिया। इसके बाद आरोपी राधेश्याम यादव खुद थाने पहुंचकर शव मिलने की सूचना दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।