मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस विधायक के बेटा को ED ने किया गिरफ्तार, जानिए क्या है मामला

मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी माहिरा होम्स के निदेशक सिकंदर सिंह छोकर को गिरफ्तार कर लिया। सिकंदर सिंह छोकर पानीपत के समालखा से कांग्रेस विधायक तथा कंपनी के मालिक धर्म सिंह छोकर के पुत्र हैं। माहिरा होम्स द्वारा सेक्टर-68 स्थित प्रोजेक्ट में 1497 आवंटियों से करीब 360 करोड़ रुपये एकत्र किए गए।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी माहिरा होम्स के निदेशक सिकंदर सिंह छोकर को गिरफ्तार कर लिया। सिकंदर सिंह छोकर पानीपत के समालखा से कांग्रेस विधायक तथा कंपनी के मालिक धर्म सिंह छोकर के पुत्र हैं। माहिरा होम्स द्वारा सेक्टर-68 स्थित प्रोजेक्ट में 1497 आवंटियों से करीब 360 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, लेकिन कंपनी आवंटियों को उनके फ्लैट का पजेशन देने में फेल साबित हुई।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 12 अप्रैल को धर्म सिंह छोकर से ईडी ने अपने कार्यालय में कई घंटे तक पूछताछ भी की थी। सिकंदर सिंह छोकर पर आवंटियों के पैसे का गलत इस्तेमाल और हेराफेरी करने के आरोप हैं।

107.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई
अपने फ्लैटों के लिए माहिरा होम्स के आवंटी लगातार धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। ईडी की शुरुआती जांच में माहिरा के सेक्टर-68 वाले प्रोजेक्ट के फंड में 107.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई थी। इसमें 57 करोड़ रुपये अपनी ही कंपनियों को लोन और 50 करोड़ के फर्जी बिल लगाकर खर्चे बुक किए हुए थे।

360 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त हुई
ईडी ने गत वर्ष जुलाई में माहिरा ग्रुप के निदेशकों के विरुद्ध कार्रवाई की थी। माहिरा होम्स और उससे जुड़ी हुई कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए ग्रुप और निदेशकों के करीब 360 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त कर ली थी। इसके अलावा रेड के दौरान चार करोड़ की लग्जरी कार, 14.5 लाख की ज्वैलरी, 4.5 लाख रुपये कैश भी जब्त कर लिया था। ईडी की तरफ से माहिरा होम्स के चार अन्य प्रोजेक्ट की भी जांच पड़ताल चल रही है। इनके अकाउंट्स भी फ्रीज किए जा चुके हैं।

क्या है मामला
माहिरा होम्स ग्रुप द्वारा गुरुग्राम के सेक्टर-63ए, 68, 95, 103, 104 में अफोर्डेबल हाउसिंग नियमावली के तहत ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं। सभी प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। सभी प्रोजेक्ट्स के लांच हुए कम से कम चार से छह साल हो चुके हैं। इनमें से सेक्टर-68 वाले प्रोजेक्ट को लांच हुए करीब सात साल बीतने जा रहे हैं लेकिन अभी तक मौके पर 75 प्रतिशत ही कार्य पूरा हुआ है। इसी प्रकार से अन्य प्रोजेक्ट पर तो निर्माण कार्य शून्य के बराबर है।

इस बिल्डर के सभी बैंक अकाउंट को हरेरा की तरफ से सीज किया जा चुका है। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (हरेरा) की तरफ से 20 मार्च को सभी अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्टस के रेरा पंजीकरण भी रद किए जा चुके हैं। माहिरा होम्स ग्रुप आवंटियों द्वारा फ्लैट की एवज में रेरा खातों में जमा कराई गई राशि को दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर कर हेराफेरी करने के आरोप हैं। गुरुग्राम पुलिस भी ग्रुप व निदेशकों के विरुद्ध मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।