भिलाई नगर निगम एक बार फिर सवालों के घेरे में है। निगम पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने नियमों को दरकिनार करते हुए अपने ‘चहेते’ ठेकेदार को टेंडर दे दिया।

नगर निगम भिलाई द्वारा प्रियदर्शनी परिसर में हॉर्स राइडिंग ट्रेक निर्माण के लिए लगभग एक करोड़ की लागत का टेंडर निकाला गया था जिसमें चाहते ठेकेदारों को दिलाने के लिए जबरदस्ती हॉर्स राइडिंग टेक निर्माण का एक्सपीरियंस मांगा गया था ।
उस टेंडर में कुल पांच निविदा कारों ने भाग लिया था जिसमें से दो निविदाकार भिलाई के एवं तीन कुरुद छत्तीसगढ़ के थे जोन एक नेहरू नगर के द्वारा भिलाई के ठेकेदारों का टेंडर यह बोलकर नहीं खोला गया की उनके पास उस कार्य का एक्सपीरियंस नहीं है जबकि कुरूद के ठेकेदार जिन्होंने एक्सपीरियंस लेटर लगाया था ना उसमें किसी विभाग का पता था कहां पर कार्य किया गया है कितने का कार्य किया गया है तत्पश्चाप भी टेंडर खोल दिया गया जो नियम विरुद्ध है।



जब मैं इसकी शिकायत कलेक्टर महोदय से की तो उन्होंने उसे टेंडर को निरस्त पुणे निविदा आमंत्रित कर दी अगर एक्सपीरियंस लेटर गलत था तो वह टेंडर क्यों खोला गया अगर सही था तो पुनः निविदा क्यों आमंत्रित की गई इस करोड़ के भ्रष्टाचार में कौन अधिकारी सनलिप्त है अगर गलती थी तो किसी अधिकारी पर कार्यवाही की जानी थी परंतु ऐसा कुछ भी नहीं किया गया।

















