पूर्व CM भूपेश बघेल पहुंचें रायपुर सेन्ट्रल जेल: कवासी लखमा और विजय भाटिया से किए मुलाकात,कवासी लखमा हुए बीमार,बोले- व्यक्तिगत दुश्मनी के तौर पर व्यवहार कर रही सरकार,समय बदलते देर नहीं लगता…

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा 15 जनवरी से जेल में बंद है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रायपुर के सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां कवासी लखमा और विजय भाटिया से मुलाकात की. दोनों के अस्वस्थ होने पर बघेल ने चिंता जताई।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कोर्ट के आदेश के बाद भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं कराने आरोप लगाया. उन्होंने कहा, समय बदलते देर नहीं लगता. सरकार व्यक्तिगत दुश्मनी के तौर पर व्यवहार कर रही. जेल में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं कराना अमानवीय और निंदनीय है।

बता दें कि हाल ही में ईडी ने शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा की संपत्ति को अटैच किया है. साथ ही उनके बेटे हरीश लखमा की संपत्ति भी अटैच की है. ईडी ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है उनमें सुकमा में बना कांग्रेस का राजीव भवन भी शामिल है. लखमा फैमिली की साढ़े 5 करोड़ की संपत्ति और सुकमा कांग्रेस दफ्तर की 68 लाख की संपत्ति को ईडी ने अटैच किया है. कुल मिलाकर शराब घोटाले में कुल 6 करोड़ 15 लाख 75000 की संपत्ति को अटैच किया गया है।

मोटा कमीशन लेने के आरोप में जेल में है लखमा
कवासी लखमा को ईडी ने शराब घोटाले में कमीशन लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है. इससे पहले कवासी लखमा और उनके बेटे से ईडी ने लंबी पूछताछ की थी. ईडी ने सारी जानकारी हासिल करने के बाद घोटाले में अवैध रुप से की गई कमाई और उससे खरीदी गई संपत्तियों को जब्त किया है. ईडी की जांच में कवासी लखमा पर 72 करोड़ रुपए का कमीशन लेने का भी आरोप लगा है।

झारखंड एसीबी ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार से जुड़े कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुख्ता सूचना के मुताबिक, झारखंड ACB की टीम ने सिद्धार्थ सिंघानिया को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया है। जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रांची ACB की कोर्ट के पेशी के लिए लाए जाने की तैयारी की जा रही है। सिद्धार्थ के खिलाफ ACB ने पिछले दिनों गिरफ्तारी वारंट हासिल किया था। इससे पहले एसीबी ने निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे के करीबी और नेक्सजेन के मालिक विनय कुमार सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लिया था।

आपको बता दें कि झारखंड शराब घोटाला मामले में एसीबी की लगातार कार्रवाई जारी है। इससे पहले मंगलवार 17 जून को एसीबी की टीम ने पूर्व उत्पाद कमिश्नर अमित प्रकाश को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करने के बाद अमित प्रकाश से एसीबी मुख्यालय में पूछताछ की गयी थी। इस मामले में एसीबी की टीम विनय चौबे , गजेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, सुधीर कुमार दास, नीरज कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह और अमित प्रकाश को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल ACB/EOW झारखंड आरोपी सिद्धार्थ को झारखंड कोर्ट में पेशकर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।