बालोद जिले में तांदुला जलाशय फिर एक बार ओवरफ्लो होने की कगार पर पहुंच गया है। बीते दिनों हुई बारिश के चलते जलाशय में 37.5 फीट पानी का भराव हो चुका है, जबकि ओवरफ्लो के लिए 38 फीट की आवश्यकता है। जलाशय का यह ऐतिहासिक पल देखने के लिए बालोद सहित आसपास के ग्रामीण और सैलानी यहां उमड़ रहे हैं। तीन वर्ष पूर्व जलाशय ओवरफ्लो हुआ था और अब यह फिर से वही वर्ष बनने जा रहा है, जब सेफ्टी वाल से पानी की अठखेलियां देखने को मिलेंगी।
तांदुला जलाशय का भराव समूचे जिले के लिए खुशहाली का प्रतीक है। ओवरफ्लो होने के बाद तांदुला नदी में नया पानी प्रवाहित होता है, जिससे क्षेत्र के भूमिगत जल स्रोत रिचार्ज होते हैं और जलकुंभियों की सफाई भी स्वतः संभव हो जाती है। इससे जिलेवासियों को सालभर पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। यही जलाशय भिलाई इस्पात संयंत्र का मुख्य जल स्रोत है और लाखों एकड़ खेतों की सिंचाई भी इसी से होती है।



स्थानीय निवासी गिरीश देशमुख ने बताया कि तांदुला जलाशय का इतिहास काफी पुराना है और ओवरफ्लो देखने का अनुभव हमेशा आनंददायक रहता है। वर्तमान में बालोद और आसपास के लोग जलाशय का विहंगम दृश्य देखने पहुंच रहे हैं। जिलेवासियों को अब बस आधे फीट और बारिश की दरकार है, जिसके बाद खुशहाली की तस्वीर तांदुला जलाशय से पूरे क्षेत्र में बिखर जाएगी।













































