प्राचार्य पदोन्नति : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया मेगा प्रमोशन…,1222 व्याख्याता बने प्राचार्य…प्राचार्य पदोन्नति फोरम ने जताया आभार,

छत्तीसगढ़ में लंबे समय से लंबित प्राचार्य पदोन्नति की प्रक्रिया को गति मिली है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव द्वारा त्वरित निर्णय लेकर 1222 व्याख्याताओं और प्रधान पाठकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नत किए जाने का आदेश जारी किया गया। इस निर्णय के लिए प्राचार्य पदोन्नति फोरम ने मंत्री का उनके दुर्ग निवास में जाकर आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग के ट्राइबल क्षेत्र टी संवर्ग में वर्ष 2013 से लंबित प्राचार्य पदोन्नति का मामला आखिरकार सुलझा। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने त्वरित निर्णय लेते हुए 29 अगस्त को व्याख्याता एवं प्रधान पाठक (माध्यमिक विद्यालय) से 1222 शिक्षकों को प्राचार्य पद पर पदस्थापना आदेश जारी कराए। इस निर्णय के बाद पूरे शिक्षा विभाग में हर्ष का माहौल है।

प्राचार्य पदोन्नति फोरम के संयोजक अनिल शुक्ला ने प्रतिनिधि मंडल के साथ दुर्ग स्थित मंत्री निवास में जाकर श्री यादव का मिठाई खिलाकर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल में मोहसिन अली, देवेंद्र कुमार वर्मा, राजेश द्विवेदी, विकास सिन्हा और आरीफ खान शामिल थे।

मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। प्राचार्यों की नियुक्ति से न केवल विद्यालयों में प्रशासनिक कसावट आएगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उनकी पहली प्राथमिकता प्राचार्य पदोन्नति की फाइल को अनुमोदित करना रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग त्वरित और पारदर्शी निर्णय की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के दौरान मंत्री यादव ने भरोसा दिलाया कि ई संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना आदेश भी शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति 31 अगस्त को होनी थी, उन्हें पदोन्नति का लाभ दिलाने के उद्देश्य से मंत्री ने विशेष निर्देश देकर 29 अगस्त को ही आदेश जारी कराए।

ज्ञात हो कि प्राचार्य पदोन्नति फोरम का प्रतिनिधि मंडल 28 अगस्त को मंत्री से मिला था और तत्काल आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। फोरम का कहना था कि यदि आदेश समय पर नहीं निकलते तो कई पात्र शिक्षकों को सेवानिवृत्ति से पहले पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता। मंत्री के त्वरित निर्णय ने न केवल इन शिक्षकों के वर्षों पुराने इंतजार को समाप्त किया बल्कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर विश्वास भी मजबूत किया।

इस निर्णय से प्राचार्य पदोन्नति फोरम और पूरे शिक्षक समुदाय में प्रसन्नता का माहौल है। लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिलने के बाद अब उम्मीद है कि आने वाले समय में अन्य संवर्गों की पदोन्नति भी समय पर पूरी होगी और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।