जांच में ईओडब्ल्यू को पता चला कि कोयला घोटाले मामले में जयचंद कोसले की बड़ी भूमिका थी. आरोप है कि उन्होंने तकरीबन पचास करोड़ के अवैध लेनदेन में भूमिका निभाई थी।
छत्तीसगढ़ के कथित 570 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की. दरअसल, ईओडब्ल्यू ने जयचंद कोसले को सोमवार को गिरफ्तार गिरफ्तार पर कर लिया. इसके बाद ईओडब्ल्यू जयचंद कोसले को लेकर पहुंची कोर्ट.

जांच में ईओडब्ल्यू को पता चला कि कोयला घोटाले मामले में जयचंद कोसले की बड़ी भूमिका थी. आरोप है कि उन्होंने तकरीबन पचास करोड़ के अवैध लेनदेन में भूमिका निभाई थी. आपको बता दें कि कोसले भूपेश बघेल की करीबी अफसर और डिप्टी सेक्रेटरी टू सीएम रही सौम्या चौरसिया का निज सचिव था. इसके पहले रविवार को eow ने जांजगीर में जयचंद के आवास पर छापेमारी की थी।




6 घंटे तक हुई थी पूछताछ
गौरतलब है कि जांजगीर चांपा में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रविवार को छापा मार कार्रवाई की थी. 21 सितंबर की सुबह EOW की 12 सदस्यीय टीम ने लिपिक जयचंद कोसले के घर दबिश दी थी. इस दौरान टीम ने कोसले के घर की तलाशी ली और कोसले से घंटों पूछताछ भी की. करीब 6 घंटे तक चली पूछताछ के बाद EOW ने कई अहम जानकारियां हाथ लगने की बात कही थी।

छापेमारी एंटी करप्शन ब्यूरो के DSP अजितेश सिंह के नेतृत्व में गई थी. यह छापेमारी अकलतरा नगर पालिका के अंबेडकर स्थित मकान में की गई थी. दरअसल, पूर्ववर्ती बघेल सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच तेज हो गई है. इसी कड़ी में (EOW) ने कोयला घोटाले मामले में जांजगीर-चांपा जिले में बड़ी कार्रवाई की थी।












































