भिलाई में खेल परिसर में खुली शराब की दुकान: विरोध करने पर पार्षद गिरफ्तार,पुलिस बल तैनात

भिलाई में खेल परिसर के बाजू में विरोध के बाद भी शराब दुकान खोल दी गई है। वहीं इसका विरोध कर रहे कांग्रेस पार्षद को शांती भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में खेल परिसर के बाजू में विरोध के बाद भी शराब दुकान खोल दी गई है। वहीं इसका विरोध कर रहे कांग्रेस पार्षद को शांती भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिसकर्मियों की तैनाती में खोली गई शराब दुकान

बता दें कि 29 अक्टूबर को 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती में भिलाई के खुर्सीपार में शराब की दुकान खोली गई। बताया जा रहा है कि शराब की यह दुकान आबकारी विभाग की ओर से खुर्सीपार के पंडित दीनदयाल स्टेडियम खेल परिसर के बाजू में खोली गई है। आबकारी विभाग ने सबसे पहले इसका विरोध कर रहे कांग्रेस पार्षद भूपेंद्र यादव को अपनी हिरासत में लिया, इसके बाद 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती में शराब दुकान खोली गई।

आबकारी विभाग ने तीसरी बार लिया निर्णय

जानकारी के मुताबिक, आबकारी विभाग ने तीसरी बार खेल परिसर में शराब दुकान खोलने का निर्णय लिया था, जिसका वहां के खिलाड़ी और स्थानीय लोग वार्ड क्रमांक 47 के कांग्रेस पार्षद भूपेंद्र यादव के नेतुत्व में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद भी आबकारी विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से यहां पर शराब की दुकान खोल दी।

राजेंद्र प्रसाद नगर से हटाया गया था शराब दुकान

बता दें कि इस शराब दुकान को सितंबर में वार्ड क्रमांक 51 के राजेंद्र प्रसाद नगर से हटाया गया था। दरअसल, सितंबर के महीने में एक आरोपी ने शराब के नशे में मोहल्ले के ही एक युवक की हत्या कर दी थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने शराब दुकान को हटाने के लिए जमकर प्रदर्शन किया था और आखिर में आबकारी विभाग ने शराब दुकान को हटा दिया। इसके बाद इस शराब दुकान को शिवाजी नगर में खोलने की तैयारी थी पर यहां भी आबकारी विभाग को विरोध का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस पार्षद को हिरासत में लेकर खोली गई शराब की दुकान

इसके बाद आबकारी विभाग ने शराब की दुकान को खुर्सीपार के पंडित दीनदयाल स्टेडियम खेल परिसर के बाजू में खोलने का निर्णय लिया, जिसकी भनक लगते ही खिलाड़ी और स्थानीय लोग वार्ड क्रमांक 47 के कांग्रेस पार्षद भूपेंद्र यादव के नेतुत्व में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन आबकारी विभाग ने सबसे पहले इसका विरोध कर रहे कांग्रेस पार्षद भूपेंद्र यादव को अपनी हिरासत में लिया, इसके बाद 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती में शराब दुकान खोली गई।