शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा: शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के विरोध में भिलाई नगर निगम की पार्षद एवं वार्डवासी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे,देर रात पहुंचे जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर,रातभर डटे रहे प्रदर्शनकारी और वार्डवासी

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, पार्षद और वार्डवासी बैठे अनिश्चितकालीन धरने पर

भिलाई। शासकीय जमीन पर किए जा रहे अवैध कब्जों के विरोध में वार्ड पार्षद सहित वार्डवासी अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने सीमांकन का आश्वासन दिया, लेकिन वार्डवासी जमीन पर लगाए गए खंभों को उखाड़ फेंकने की बात पर अड़े रहे और आंदोलन जारी रखा।

धरना स्थल पर पूरी रात वार्डवासियों की मौजूदगी बनी रही। देर रात जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर भी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के मामलों पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए।

सोमवार को वार्ड 21 की पार्षद नेहा साहू सहित वार्डवासी शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। पार्षद नेहा साहू ने बताया कि कैलाश मानसरोवर मंदिर के सामने शासकीय भूमि स्थित है। इस भूमि की सीमांकन के लिए पिछले एक साल से वे नगर निगम,तहसीलदार को आवेदन किए है। पिछले एक साल में जिला प्रशासन इस शासकीय जमीन का सीमांकन नहीं कर पाए। इस जमीन को भू-माफियाओं को सौंप दिया गया है। भू-माफियाओं ने इस भूमि पर अब प्लाटिंग करना भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस के शासन काल में इस भूमि पर भवन के लिए निविदा लगाया गया था। उन्होंने बताया कि शासकीय भूमि पर लगे भू-माफियाओं द्वारा लगाए गए पोल जब तक नहीं निकाला जाएगा और सीमांकन नहीं कराया जाएगा तब तक धरने पर बैठे रहेंगे। इन भू-माफियाओं को संरक्षण मिला हुआ है। धरना के दौरान एसडीएम, पटवारी और आरआई मौके पर पहुंचे।

शासकीय भूमि जनता की संपत्ति है। इसे कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है। हमने कई बार शिकायतें दीं, परंतु उचित कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए अब जनता के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है।”

वरिष्ठ समाजसेवी चंदन शर्मा ने कहा कि जब तक प्रशासन अतिक्रमण हटाकर भूमि को पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरना स्थल पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय जांच कर अतिक्रमणकारियों पर कठोर कार्रवाई करे। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बड़े स्तर पर विस्तारित किया जाएगा।

अधिकारियों ने 2 दिसंबर को सीमांकन का आश्वासन लोगों को दिया। धरना प्रदर्शन के दौरान पार्षद नेहा साहू सहित वार्डवासी वरिष्ठ समाजसेवी चंदन शर्मा,प्रसिद्ध नारायण सिंह, जेपी चौबे,आलोक कुमार वर्मा, उत्पल चंदेल,विश्वकर्मा सिंह,विजय सिंह,सुनील सिंह, उत्पल वर्मा, सी के तिवारी,नीतीश सिंह, पी एन सिंह,सुरेंद्र गुप्ता,राम प्रकाश सिंह, डी पी शर्मा,संतोष प्रजापति, देवांगन जी,विभूति चौबे,मालती साहू, ललिता साहू, लकीतां यादव,सचिन,अनीश,वैभव, वीणा सोनी, लीला ताई,नीलम सिंह,उमा शर्मा,प्रभा किरण वर्मा,अंजू शर्मा, के वंदना, अनीता प्रजापति,हरजीत कौर,बेबी सिंह,सुशील यादव,नीतीश गुप्ता, राकेश गुप्ता,लोहित कुमार एवं अन्य मोहल्लेवासी मौजूद थे। पार्षद नेहा साहू ने बताया कि शासकीय भूमि के सीमांकन का प्रकरण एक साल से चल रहा है। सीमांकन के लिए तहसीलदार, एसडीएम, आयुत, कलेक्टर जनदर्शन में भी आवेदन दिया है। कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, वरिष्ठ नागरिक एवं युवा भी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में शासकीय भूमि की सुरक्षा तथा अतिक्रमण के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की मांग उठाई। धरना शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में जारी है।