दुर्ग में ऐतिहासिक नीलामी: थानों में वर्षों से खड़े लावारिश वाहनों का बड़ा निराकरण…,1820 वाहन नीलाम, शासकीय कोष में जमा हुए लगभग 77 लाख रुपये

इस हेतु प्रारंभ में लावारिश एवं लादावा पड़े वाहनों की इंवेन्ट्री बनवाई गई। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, दुर्ग से वाहनों की जानकारी प्राप्त की गई। वाहनों के रजिस्ट्रेशन नम्बर, इंजन नम्बर, चेचिस नम्बर के आधार पर वाहन मालिकों को संबंधित थानों से नोटिस जारी किया गया। वाहनों के वाहन मालिक व्दारा मूल दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर उन्हें वाहन सौंपा गया एवं शेष वाहनों को 28 पुलिस एक्ट में जप्त कर, 28 पुलिस एक्ट का इश्तगासा अनुविभागीय दण्डाधिकारी न्यायालय में पेश कर ईश्तहार जारी कराया जाकर, दावा आपत्ति आमंत्रित किए गए। दावा आपत्ति में प्राप्त वैध दावा वाले वाहनों को वाहन मालिकों को सुपुर्व किया गया। शेष वाहनों को लावारिश घोषित कर वाहनों के आफसेट मूल्य तय किये जाने हेतु नियमानुसार समिति का गठन किया जाकर समिति व्दारा तय किए गए आफसेट मूल्य के उपरांत एमएसटीसी वेबसाईट में वाहनों को नीलामी हेतु रजिस्टर्ड किया गया

जिले के प्रत्येक थानों में पड़े लावारिश एवं लादावा वाहनों को थाना जामुल स्थित यार्ड में पहुंचाया गया । सम्पूर्ण प्रक्रिया उपरांत कुल 1820 दुपहिया, चार पहिया वाहनों की नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया पूर्ण कर नीलामी से प्राप्त राशि 76,88,648/- रूपए शासकीय कोष में जमा किया गया है।

नीलाम किए गए 1820 वाहनों में से अब तक 581 वाहने सुपुर्दनामा पर दिया जा चुका है। कुछ वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया शेष है, आफसेट मूल्य तय होने के उपरांत नीलामी हेतु अग्रिम कार्यवाही की जाएगी ।