26 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में गिरफ्तार अमन अग्रवाल की कोर्ट पेशी के दौरान नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।
26 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में गिरफ्तार अमन अग्रवाल की कोर्ट पेशी के दौरान नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पेशी ड्यूटी में लगे हवलदार और सिपाहियों को तत्काल हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। साथ ही यह भी जांच शुरू कर दी गई है कि कहीं पुलिसकर्मियों और बंदियों के बीच कोई आपसी मिलीभगत तो नहीं थी।

बताया जा रहा है कि 16 जनवरी को अमन अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों के विपरीत उसे विशेष सुविधाएं दीं। हवलदार नरोत्तम और सिपाही आसमान व राकेश पर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। यह भी सामने आया है कि हवलदार नरोत्तम ने अपनी ड्यूटी छोड़कर एक अन्य बंदी को उसके परिजनों से मिलवाने की व्यवस्था की थी।




कोर्ट परिसर में बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात को लेकर हंगामे की स्थिति भी बनी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद वरिष्ठ अफसरों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को पेशी ड्यूटी से हटा दिया। इस मामले की जांच अब प्रशिक्षु आईपीएस मानसी साकोरे को सौंपी गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा में लापरवाही कैसे हुई और क्या इसमें किसी तरह की साठगांठ शामिल थी।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि कोर्ट पेशी के दौरान अक्सर कुछ चुनिंदा पुलिसकर्मियों को ही प्रभावशाली बंदियों की जिम्मेदारी दी जाती है। पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब बंदियों को नियमों से हटकर परिजनों से मिलने दिया गया या सुरक्षा में ढिलाई बरती गई।











































