छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत अलग-अलग बैच के कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है।
आदेश के अनुसार राज्य कैडर के 2001 बैच के IPS अधिकारी डॉ. आनंद छाबड़ा को 25 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर पदोन्नति दी गई है, जिसके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से 6 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्राप्त हुई थी।

वहीं आवंटन वर्ष 2008 के दो IPS अधिकारियों प्रशांत कुमार अग्रवाल और मिलना कुर्रे को पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर पदोन्नत किया गया है, साथ ही आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रशांत कुमार अग्रवाल को भविष्य में मिड करियर प्रशिक्षण के फेज-IV में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा;


इन अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 2008 बैच की IPS अधिकारी नीथू कमल को 1 जनवरी 2026 से पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ही कार्यरत दावुलुरी श्रवण को भी समान तिथि से IG वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है।


इसी क्रम में आवंटन वर्ष 2012 के कुल आठ IPS अधिकारियों— विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणी, राजेश कुमार अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू— को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के पद पर पदोन्नत किया गया है, जिनके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 6 जनवरी और 9 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई थी।

वहीं आवंटन वर्ष 2013 के चार IPS अधिकारियों डॉ. अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और यशपाल सिंह को चयन श्रेणी में पदोन्नति दी गई है, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत जितेंद्र शुक्ला (भापुसे–2013) को भी चयन श्रेणी में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है। इस बड़े प्रशासनिक फैसले को छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन में नेतृत्व को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

2008 बैच: दो अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नति आवंटन वर्ष 2008 के दो आईपीएस अधिकारियों—प्रशांत कुमार अग्रवाल और मिलना कुर्रे—को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के पद पर पदोन्नत किया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशांत कुमार अग्रवाल को भविष्य में मिड करियर प्रशिक्षण के फेज-IV में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। पदोन्नत अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा वर्ष 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी नीथू कमल, जो वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, को 1 जनवरी 2026 से पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। इसी तरह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत दावुलुरी श्रवण को भी समान तिथि से आईजी वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है। यह व्यवस्था केंद्रीय सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों की वरिष्ठता और वेतनमान संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से की जाती है।




2012 बैच: आठ अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नति आवंटन वर्ष 2012 के आठ आईपीएस अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणी, राजेश कुमार अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू शामिल हैं। इन पदोन्नतियों के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 6 जनवरी एवं 9 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इन अधिकारियों की पदोन्नति से जिला और रेंज स्तर पर पुलिस प्रशासन को और अधिक मजबूती मिलने की संभावना हैं।
2013 बैच: चार अधिकारियों को चयन श्रेणी में पदोन्नति आवंटन वर्ष 2013 के आईपीएस अधिकारियों- डॉ. अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और यशपाल सिंह—को चयन श्रेणी में पदोन्नत किया गया है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला (भापुसे–2013) को भी चयन श्रेणी में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है। गृह विभाग के इस फैसले को राज्य पुलिस व्यवस्था में प्रशासनिक संतुलन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति से न केवल नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिलेगी, बल्कि कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधारों के क्रियान्वयन में भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।











































