छत्तीसगढ़ में दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले के आरोपी और लंबे समय से फरारी काट कर रहे शराब कारोबारी को एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है। शराब कारोबारी को दिल्ली से अरेस्ट कर एसीबी रायपुर लेकर आ रही है। कारोबारी के कई ठिकानों पर एसीबी की छापेमारी भी चल रही है। ACB में केस दर्ज करने के बाद से भाटिया गिरफ्तारी से बचने भाग रहा था।
छत्तीसगढ़ में दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच कर रही एसीबी को एक और बड़ी सफलता मिली है। घोटाले के आरोपी और एसीबी के राडार में रहे शराब कारोबारी विजय भाटिया को एसीबी ने दिल्ली स्थिति उनके ठिकाने से अरेस्ट कर लिया है। एसीबी कारोबारी को दिल्ली से अरेस्ट कर छत्तीसगढ़ लेकर आ रही है। जानकारी के अनुसार एसीबी के अफसर आरोपी शराब कारोबारी को फ्लाइट से लेकर रायपुर आ रहे हैं। रायपुर लाने के बाद एसीबी कारोबारी से पूछताछ करेगी,इसके अलावा कानूनी कार्रवाई सहित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करेगी।

शराब घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है। लंबे समय से फरारी काट कर रहे और एसीबी की वांटेड सूची में शामिल शराब कारोबारी विजय भाटिया को दिल्ली स्थिति उनके ठिकाने से एसीबी ने अरेस्ट कर लिया है। शराब व्यवासायी को गिरफ्तार कर एसीबी के अफसर रायपुर लेकर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार राजधानी रायपुर लाने के बाद एसीबी कारोबारी से पूछताछ के लिए स्पेशल कोर्ट में व्यवसायी भाटियो को पेश करेगी व ज्यूडिशियल रिमांड लेकर घोटाले के संबंध में पूछताछ शुरू करेगी। शराब कारोबारी को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके कई ठिकानरों पर एक साथ छापेमारी भी की जा रही है। एसीबी की अलग-अलग टीम रविवार सुबह से ही ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों की पड़ताल में जुट गई है।


आधा दर्जन से ज्यादा कारोबारी एसीबी के राडार पर


दो हजार करोड़ के शराब घोटाले में एसीबी के राडार पर छत्तीसगढ़ के आधा दर्जन से ज्यादा शराब कारोबारी हैं। ये ऐसे कारोबारी हैं जो घोटाले के दौरान शराब व्यवसाय से सीधेतौर पर जुड़े हुए थे। नकली होलोग्राम के जरिए शराब की अफरा-तफरी में इनकी संलिप्तता बताई जा रही है।

बता दें कि शराब कारोबारी विजय भाटिया इससे पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ED), एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और EOW की रडार पर रह चुके हैं। उनके ठिकानों पर यह तीसरी बार छापेमारी की गई है। पिछली बार छापे के दौरान भाटिया फरार थे और जांच एजेंसियों को उनके ठिकाने का पता नहीं चला था।
ED की चार्जशीट में 21 आरोपी
ED ने अपनी चार्जशीट में 21 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम साईं ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया जैसे नाम शामिल हैं।
28 दिसंबर 2024 को ED ने कवासी लखमा और उनके परिवार के सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। इनमें अपराध से अर्जित आय के सबूत मिले थे। इसके बाद 15 जनवरी 2025 को लखमा को गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
EOW में दर्ज एफआईआर में विजय भाटिया का नाम भी शामिल है। विजय भाटिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं। ED भी विजय भाटिया की लंबे समय से तलाश कर रही थी।








































