रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लैलूंगा के पूर्व विधायक चक्रधर सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार की लाश आज सिसरिंगा मंदिर के पास जंगल में सड़ी-गली हालत में बरामद हुई है। शव का चेहरा पूरी तरह सड़ चुका है और शरीर कंकाल में तब्दील हो चुका है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।
7 जुलाई को रहस्यमयी ढंग से हुए थे लापता

जयपाल सिंह सिदार 7 जुलाई को अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने निकले थे, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब तलाश शुरू की, तो उनके मोबाइल का अंतिम लोकेशन जशपुर जिले में मिला था। घटना को लेकर परिजनों ने काफी प्रयास किया और सोशल मीडिया समेत कई माध्यमों से अपील की। यहां तक कि जयपाल सिंह के बारे में सूचना देने वाले को 21 हजार रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की गई थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।


संदिग्ध की निशानदेही पर जंगल में मिला शव


सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में एक संदेही को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर सिसरिंगा मंदिर के समीप जंगल से शव बरामद किया गया। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि पहचान मुश्किल हो रही थी, लेकिन कपड़ों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान जयपाल सिंह के रूप में की।

हत्या की आशंका, पुलिस ने शुरू की जांच
प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का लग रहा है। बताया जा रहा है कि जिस दिन जयपाल सिंह लापता हुए थे, उसी दिन उनकी हत्या कर दी गई थी। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। शव की स्थिति देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कई दिनों पुराना है।
इलाके में सनसनी इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जयपाल सिंह सिदार एक समाजसेवी और राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति थे। उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं परिवार में गम और मातम का माहौल है। परिजन और स्थानीय लोग दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। संदिग्ध से पूछताछ जारी है और जल्द ही घटना की सच्चाई सामने लाई जाएगी। यह देखना अब अहम होगा कि पुलिस इस हत्या की गुत्थी कब तक सुलझा पाती है।








































