शराब घोटाला मामले में पिछले एक वर्ष से रायपुर केंद्रीय जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें तीन सख्त शर्तों के साथ अंतरिम जमानत प्रदान की है।
यह आदेश चीफ जस्टिस सूर्यकांत एवं जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ द्वारा पारित किया गया। सुनवाई के दौरान कवासी लखमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ दवे एवं हर्षवर्धन परघनिया ने प्रभावी पैरवी की।

तीन शर्तों पर मिली अंतरिम राहत
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान कवासी लखमा छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहेंगे। वे केवल विधानसभा सत्र से एक दिन पूर्व ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे तथा सत्र समाप्त होते ही उन्हें पुनः राज्य से बाहर जाना होगा।




ईडी ने जनवरी 2025 में की थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जनवरी 2025 में कथित शराब घोटाले के मामले में कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि इस घोटाले में उन्हें करीब 70 करोड़ रुपये का कमीशन प्राप्त हुआ। गिरफ्तारी के बाद से वे 15 जनवरी 2025 से रायपुर केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में थे।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।











































