छत्तीसगढ़ में डॉक्टर दंपति हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: पुलिस ने ड्राइवर को किया गिरफ्तार, खुला चौंकाने वाला सच

कबीरधाम पुलिस ने आठ साल पहले हुई डॉ. गणेश और उषा सूर्यवंशी हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में उनके पूर्व ड्राइवर सत्यप्रकाश साहू को हत्यारा पाया। वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर उसने जुर्म कबूल किया।

कबीरधाम पुलिस ने आठ साल पहले 6 अप्रैल 2017 को कवर्धा शहर में हुए चर्चित डॉक्टर दंपति हत्याकांड का शनिवार 5 जुलाई को खुलासा कर दिया है। हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि दंपति का पूर्व वाहन चालक सत्यप्रकाश साहू निकला। शनिवार को कबीरधाम एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने मामले का विवरण साझा किया।

एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल 2017 को कवर्धा के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. गणेश सूर्यवंशी और उनकी पत्नी डॉ. उषा सूर्यवंशी के शव उनके निवास के आंगन में रक्तरंजित अवस्था में मिले थे। प्रारंभिक जांच में यह दोहरा हत्याकांड प्रतीत हुआ, लेकिन ठोस सुराग के अभाव में मामला अनसुलझा रहा। हाल ही में दोबारा विवेचना के दौरान सत्यप्रकाश साहू पर संदेह गहराया, जो दंपति का पूर्व ड्राइवर था।

सत्यप्रकाश ने डॉ. गणेश को 1.80 लाख रुपये उधार दिए थे
जांच में पता चला कि सत्यप्रकाश ने डॉ. गणेश को 1.80 लाख रुपये उधार दिए थे। रुपये वापस मांगने के लिए वह उनके घर गया, जहां दंपति के बीच पहले से चल रहे घरेलू विवाद का गवाह बना। विवाद के दौरान डॉ. गणेश ने अपनी पत्नी पर भारी पत्थर से वार कर उनकी हत्या कर दी। यह देख सत्यप्रकाश घबरा गया और उसने डॉ. गणेश को धक्का देकर गिराया, फिर पत्थर से वार कर उनकी भी हत्या कर दी।

कत्ल की रात का सच
पैसों की तंगी से जूझ रहा सत्यप्रकाश गंडई से कवर्धा वापस आया और डॉक्टर से अपने उधार मांगे। उसी दौरान, वह डॉक्टर दंपति के बीच चल रहे घरेलू झगड़े का गवाह बन गया। सत्यप्रकाश के बयान के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि डॉ. गणेश ने दरवाजा रोकने वाले भारी पत्थर से अपनी पत्नी के सिर पर वार कर दिया। पत्नी ने भी जवाबी हमले में छोटे पत्थर से डॉक्टर पर प्रहार किया। घायल पत्नी जब जमीन पर गिरी, तो डॉक्टर ने दोबारा वार कर उसकी हत्या कर दी।

शवों को आंगन में खींचकर रखा
हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने खून के धब्बे साफ किए। शवों को आंगन में खींचकर रखा और डॉक्टर का एक मोबाइल लेकर फरार हो गया। उसने मोबाइल को गंडई में 1900 रुपये में गिरवी रख दिया। 6 अप्रैल को जब पुलिस को घटना की जानकारी मिली, तब वह भीड़ में शामिल होकर स्थिति का जायजा ले रहा था।

सत्यप्रकाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया
वैज्ञानिक साक्ष्यों और 14 घंटे की गहन पूछताछ के बाद सत्यप्रकाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हाल ही में उसके खिलाफ ब्लैकमेलिंग की शिकायत भी दर्ज हुई थी, जिसके डर से वह गंडई भाग गया था। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह जटिल हत्याकांड तकनीकी दक्षता, वैज्ञानिक विवेचना और धैर्य के साथ सुलझाया गया।

इनाम की घोषणा
मामले के खुलासे में सहयोग के लिए आईजी अभिषेक शांडिल्य ने 30,000 रुपये और एसपी धर्मेंद्र सिंह ने 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी। कबीरधाम पुलिस ने हाल के वर्षों में कई पुराने अनसुलझे हत्याकांडों का खुलासा कर अपनी सतर्कता और विवेचना में दक्षता साबित की है।