दूर था लेकिन हम पहुंच गए: 200 किमी दूर कवर्धा पहुंचकर SHAPATH टीम ने बुजुर्ग को दी व्हीलचेयर, लिया आशीर्वाद
भिलाई/कवर्धा। मानव सेवा और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। SHAPATH दिव्यांग हेल्पलाइन नंबर पर ग्राम पांडातराई, जिला कवर्धा से एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि 75 वर्षीय बुजुर्ग आनंद दास पात्रे को व्हीलचेयर की अत्यंत आवश्यकता है। आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण वे स्वयं व्हीलचेयर खरीदने में असमर्थ थे और सहायता की उम्मीद में SHAPATH से संपर्क किया।
हेल्पलाइन पर मिली जानकारी के अनुसार बुजुर्ग भिलाई से लगभग 200 किलोमीटर दूर रहते हैं। SHAPATH टीम ने पहले सुझाव दिया कि कवर्धा से ही व्हीलचेयर खरीद ली जाए और उसकी राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी जाएगी, ताकि बुजुर्ग को जल्दी सहायता मिल सके। लेकिन स्थानीय स्तर पर खरीदने में असमर्थता जताए जाने के बाद टीम ने स्वयं वहां पहुंचने का निर्णय लिया।
इसके बाद SHAPATH की टीम ने सेवा भाव के साथ लंबा सफर तय किया और ग्राम पांडातराई, कवर्धा पहुंचकर 75 वर्षीय आनंद दास पात्रे को व्हीलचेयर प्रदान की। व्हीलचेयर मिलने पर बुजुर्ग की आंखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। उन्होंने SHAPATH टीम को दिल से आशीर्वाद दिया और उनकी इस पहल की सराहना की।
SHAPATH फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक गुप्ता,संरक्षक सदस्य बृजमोहन सिंह,सामान्य सदस्य इरफान खान ने बताया कि उनका उद्देश्य जरूरतमंद और दिव्यांग लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाना है, चाहे दूरी कितनी भी क्यों न हो। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इसी भावना के साथ टीम लगातार जरूरतमंदों की सहायता कर रही है।
इस सेवा कार्य ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है कि अगर संकल्प मजबूत हो तो दूरी भी सेवा के रास्ते में बाधा नहीं बनती। SHAPATH की यह पहल मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।