भिलाई स्टील प्लांट के बोरिया गेट पर रोजाना जाम का तांडव: ट्रक-ट्रेलरों ने चौक को बनाया पार्किंग, जिम्मेदार अधिकारी मौन, परेशान कर्मचारी किससे करें शिकायत?
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के बोरिया गेट पर फास्ट शिफ्ट समाप्त होने के बाद रोजाना लगने वाला जाम अब कर्मचारियों और मजदूरों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। दोपहर करीब 2 बजे से 2:30 बजे के बीच जब बड़ी संख्या में कर्मचारी और मजदूर ड्यूटी समाप्त कर अपने घरों की ओर रवाना होते हैं, उसी दौरान बोरिया गेट के पास चौक पर ट्रक और ट्रेलरों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थिति ऐसी हो जाती है कि पूरा चौक जाम की चपेट में आ जाता है और लोगों को निकलने तक का रास्ता नहीं मिल पाता।
प्लांट कर्मचारियों की शिकायत है कि भारी वाहनों के चालक सड़क और चौक पर ही अपने ट्रक-ट्रेलर खड़े कर देते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है। रोजाना एक ही समय पर पैदा होने वाली इस समस्या के बावजूद अब तक कोई स्थायी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जब कर्मचारी और मजदूर इस अव्यवस्था का विरोध करते हैं या ट्रक-ट्रेलर चालकों से रास्ता देने की बात कहते हैं, तो कथित तौर पर उन्हें दादागिरी और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कर्मचारी अपनी परेशानी बताने से भी असहज महसूस करते हैं।
आखिर जिम्मेदारी किसकी?
बोरिया गेट पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी आखिर किस विभाग की है? क्या भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन को इस रोजाना की समस्या की जानकारी नहीं है? क्या भारी वाहनों के लिए कोई निर्धारित पार्किंग स्थल और समय व्यवस्था नहीं बनाई जा सकती? यदि कर्मचारी रोजाना इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो अब तक इसका समाधान क्यों नहीं निकाला गया?
कर्मचारियों की मांग, स्थायी समाधान निकाले प्रबंधन
कर्मचारियों और मजदूरों की मांग है कि भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बोरिया गेट पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करे। दोपहर 2 से 2:30 बजे के बीच विशेष यातायात व्यवस्था लागू की जाए। चौक पर ट्रक-ट्रेलरों की अनधिकृत पार्किंग रोकी जाए और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा कर्मियों तथा यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
साथ ही, कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार या धमकी की शिकायतों पर भी कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
भिलाई स्टील प्लांट देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थानों में शामिल है, लेकिन यदि उसके ही कर्मचारियों को ड्यूटी समाप्त होने के बाद रोजाना जाम और अव्यवस्था से जूझना पड़े, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
अब सवाल यही है कि बोरिया गेट की इस रोजाना की समस्या पर BSP प्रबंधन कब संज्ञान लेगा? क्या कर्मचारियों को जाम से मुक्ति मिलेगी या फिर उन्हें इसी तरह प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ेगी?
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