अहिवारा की राजनीति का एक अध्याय समाप्त, भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से छत्तीसगढ़ में शोक की लहर
हैदराबाद में इलाज के दौरान 78 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, दो बार अहिवारा से बने विधायक; राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
भिलाई। छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार को हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर से भाजपा संगठन, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन को अहिवारा क्षेत्र की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने क्षेत्र की जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन की खबर मिलते ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में दुख का माहौल बन गया।
परिजनों से मिलने पहुंचे जनप्रतिनिधि
विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन की सूचना मिलने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक ललित चंद्राकर और पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित कई जनप्रतिनिधि उनके निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दो बार अहिवारा विधानसभा से हासिल की जीत
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का राजनीतिक सफर अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा रहा। उन्होंने वर्ष 2008 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक के रूप में अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया। इस तरह उन्होंने दो बार अहिवारा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
वर्ष 2023 में 75 वर्ष की उम्र में चुनाव जीतने के बाद वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के वरिष्ठ विधायकों में शामिल रहे। उनकी राजनीतिक वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए राज्य सरकार ने अक्टूबर 2025 में उन्हें छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने 25 नवंबर 2025 को इस पद का कार्यभार संभाला था।
शिक्षा के क्षेत्र से राजनीति तक बनाई पहचान
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1985 में उन्होंने एमए और बीएड की डिग्री हासिल की। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे अहिवारा क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित की।
राष्ट्रपति के हाथों मिला था गुरु घासीदास सम्मान
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी जुड़ी रहीं। वर्ष 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों उन्हें गुरु घासीदास सम्मान से सम्मानित किया गया था। वहीं वर्ष 2013 में उन्हें श्रेष्ठ विधायक पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।
उनकी पहचान एक अनुभवी जनप्रतिनिधि के रूप में रही। वे अपनी राजनीतिक उपलब्धियों का श्रेय क्षेत्र की जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने मार्गदर्शकों के सहयोग को देते थे। उनके राजनीतिक जीवन में स्वर्गीय ताराचंद साहू और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा।
परिवार में भी रही जनसेवा की परंपरा
उनकी पत्नी कमला कोर्सेवाड़ा दुर्ग जिला मंडी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके बेटे धनंजय कोर्सेवाड़ा गुंडरदेही जनपद पंचायत के सदस्य रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं।
अहिवारा क्षेत्र में शोक का माहौल
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र ने अपना एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि खो दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, सार्वजनिक जीवन में योगदान और क्षेत्र से जुड़े रहने की स्मृतियां हमेशा याद की जाती रहेंगी।
उनका निधन छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति दें।
देश और दुनिया की हर बड़ी खबर का तुरंत अपडेट पाने के लिए नोटिफिकेशन ऑन करें।