कोरबा रेस्टहाउस में ‘दारू दरबार’ का खुलासा: VIP रूम में जाम छलकाते अफसर कैमरे में कैद, मंत्री के निर्देश पर जांच
कोरबा। सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल खड़ा करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोरबा के डीएसपीएम रेस्टहाउस में अधिकारियों की शराब पार्टी का खुलासा होने से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में मंत्री के हस्तक्षेप के बाद जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, डीएसपीएम प्लांट के बी-टाइप वीआईपी रेस्टहाउस के एक कमरे में प्लांट के चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदार अपने चार अन्य अधिकारी साथियों के साथ शराब पीते हुए कैमरे में कैद हो गए। सामने आई तस्वीरों और वीडियो में कमरे के भीतर सिगरेट का धुआं भरा हुआ नजर आया, वहीं अधिकारी खुलेआम नियम-कायदों को दरकिनार कर जाम छलकाते दिखे।
घटना शनिवार की बताई जा रही है, जब पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक कोरबा प्रवास पर थे। इसी दौरान उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी उनसे मिलने रेस्टहाउस पहुंचे थे। इसी बीच स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मंत्री को सूचना दी कि वीआईपी कमरे में कुछ अधिकारी शराब पार्टी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उत्पादन कंपनी के एमडी एस. के. कटियार को फोन कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके का माहौल पूरी तरह से ‘पार्टी’ जैसा था, जहां अधिकारी नियमों की अनदेखी कर नशे में डूबे हुए थे।
तलाशी के दौरान रेस्टहाउस के किचन में रखे फ्रीजर से कई शराब की बोतलें भी बरामद हुईं। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गतिविधि पहली बार नहीं हो रही थी, बल्कि पहले से ही यहां इस तरह की महफिलें सजती रही हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि रेस्टहाउस में इस तरह की अनियमितताएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस बार मामला कैमरे में कैद होने के कारण सार्वजनिक हो गया। अधिकारियों की इस हरकत ने न केवल सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग बल्कि प्रशासनिक मर्यादा और अनुशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि जब वरिष्ठ अधिकारी ही नियमों की अनदेखी करेंगे, तो अधीनस्थ कर्मचारियों से अनुशासन की उम्मीद कैसे की जा सकती है। घटना के बाद विभागीय गलियारों में चर्चा तेज है और अब सबकी नजर एमडी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
फिलहाल, एमडी ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी रेस्टहाउसों में हो रही अनियमितताओं को उजागर कर दिया है।