छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान की आहट, 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश का खतरा; तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड की दस्तक के बीच एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जबकि 28 से 30 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मौसम सिस्टम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र 25 अक्टूबर तक गहरे अवदाब में बदल सकता है। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना जताई गई है। मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने के आसार हैं।
इस सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पड़ने की संभावना है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित मध्य और पूर्वी भारत के कुछ अन्य राज्यों के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
27 अक्टूबर से बढ़ेंगी बारिश की गतिविधियां
छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 28 से 30 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
रायपुर सहित मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में भी बारिश का प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, किन जिलों में कितनी बारिश होगी, इसे लेकर ताजा जिला-स्तरीय मौसम चेतावनी पर नजर रखना जरूरी होगा।
तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका
बारिश के दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
ऐसे मौसम में खुले मैदान, खेतों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित पक्के भवन के भीतर शरण लेना बेहतर होगा। मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले ताजा अलर्ट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।
फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क, सुबह-रात में बढ़ी ठंड
प्रदेश में फिलहाल सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क रहा और किसी भी हिस्से में उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई।
इस दौरान बेमेतरा में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी रायपुर में 25 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
किसानों की बढ़ सकती है चिंता
अक्टूबर के अंतिम दिनों में संभावित भारी बारिश किसानों की चिंता बढ़ा सकती है। खेतों में खड़ी फसलों, कटाई के बाद खुले में रखी उपज और कृषि कार्यों पर बारिश का असर पड़ने की आशंका है। तेज हवाओं और बिजली गिरने से भी नुकसान हो सकता है।
इससे पहले सितंबर में डीप डिप्रेशन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लगातार बारिश हुई थी। उस दौरान नदी-नाले उफान पर आ गए थे और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। अब अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर बारिश की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस बार सितंबर जैसी स्थिति बनेगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
मौसम विभाग के अपडेट पर रखें नजर
फिलहाल प्रदेश में मौसम सामान्य और शुष्क बना हुआ है, लेकिन 27 अक्टूबर से बदलाव के संकेत हैं। 28 से 30 अक्टूबर के बीच संभावित भारी बारिश को देखते हुए लोगों, किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश की वास्तविक स्थिति और प्रभावित जिलों की जानकारी के लिए मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और जिला-स्तरीय चेतावनियों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
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