छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने सड़क ठेकेदार का गला काटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने पहले ठेकेदार के मुंशी को किडनैप किया था। जब ठेकेदार मुंशी को बचाने गया, तो उसे मार डाला। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, मारे गए ठेकेदार की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले इम्तियाज अली के रूप में हुई है। वह काफी समय से नारायणपुर जिले के धौड़ाई इलाके में रह रहा था। नक्सलियों ने मारकर जंगल में लाश फेंकी है। बीजापुर SP जितेंद्र यादव ने वारदात की पुष्टि की है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?


दरअसल, नक्सली पहले जेसीबी मशीन के मुंशी का अपहरण किया। अपहरण की खबर मिलने पर ठेकेदार इम्तियाज अली मौके पर पहुंचा। मुंशी को छुड़ाने की कोशिश में ठेकेदार पकड़ में आ गया। नक्सलियों ने रास्ते में ही गला रेतकर हत्या कर दी।


नक्सलियों ने वारदात के बाद जेसीबी मशीन के मुंशी की रिहाई की। मुंशी ने ठेकेदार के परिजनों को वारदात की जानकारी दी। परिजनों ने पामेड़ पुलिस को सूचना दी। वहीं जानकारी मिलते ही पामेड़ पुलिस की टीम मर्डर स्पॉट के लिए रवाना हो गई है।

इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा
बीजापुर एसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि नक्सलियों ने मुंशी को रिहा कर दिया है, जिसने पुलिस और परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। मुंशी के बयान के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल की संभावित लोकेशन चिह्नित की है। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
बीजापुर एसपी ने बताया कि सुरक्षा बल की टीम मौके पर मौजूद है। अभी ठेकेदार का शव बरामद नहीं हुआ है। इसके पहले भी नक्सली कायराना करतूत को अंजाम दे चुके हैं। नक्सली सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे। कई बार धमकी भरे पोस्टर भी लगा चुके हैं।
ढाई साल में 10 बीजेपी नेता और 10 शिक्षादूतों की हत्याएं
बस्तर में बीते 2 साल में नक्सलियों ने भाजपा के 10 नेताओं की हत्या की है। सबसे ज्यादा मामले बीजापुर जिले के हैं। अकेले यहां 5 नेताओं को नक्सलियों ने मार दिया। बाकी हत्याएं दंतेवाड़ा, मोहला-मानपुर और नारायणपुर में हुईं।
बीजापुर पहुंचने पर यह खौफ साफ नजर आता है। हर नेता और कार्यकर्ता का दिन भले ही गांव और इलाके में प्रचार, मीटिंग या कार्यक्रम में बीतता हो, लेकिन शाम होते ही सब लौट आते हैं। आवापल्ली और बीजापुर का यह घर उनके लिए सुरक्षा कवच बन गया है।
5 फरवरी 2023 को भाजपा मंडल अध्यक्ष की हत्या
बीजापुर के उसूर ब्लॉक के पेंकरम गांव में 5 फरवरी 2023 को भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलकंठ कक्केम की हत्या हुई थी। नीलकंठ ककेम की 2013 में उनकी ललिता से शादी हुई थी। दोनों की तीन बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी 7वीं में पढ़ती है। छोटा बेटा 4 साल का है।
नीलकंठ शादी से पहले ही BJP से जुड़ गए थे। शादी के बाद पार्टी ने उन्हें बीजापुर जिले के आवापल्ली का मंडल प्रमुख बना दिया था। नीलकंठ की पत्नी ललिता के मुताबिक नीलकंठ शादी के पहले से पॉलिटिक्स में एक्टिव थे। शादी के लिए मुझे देखने आए थे, तो शर्त रखी थी कि कभी BJP नहीं छोडूंगा।
बीजापुर में सुरक्षा घेरे में कई नेता
बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार चल रहे ऑपरेशन और बीजेपी नेताओं पर सीधा खतरा है। बीजापुर बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष लव कुमार रायडू बाहर निकलते हैं तो उनके साथ कदम से कदम मिलाकर सुरक्षाकर्मी चलते हैं, मानो हर मोड़ पर खतरा इंतजार कर रहा हो।
रायडू के घर के बाहर 5 जवान हर वक्त तैनात रहते हैं। उन्हें साल 2016 से सुरक्षा मिली हुई है, विधानसभा चुनाव से पहले X कैटेगरी की अतिरिक्त सुरक्षा भी दी गई। रायडू कहते हैं ‘सुरक्षा है, लेकिन पार्टी के काम से अगर हमें किसी अंदरूनी गांव में जाना हो तो पुलिस मुख्यालय को 24 घंटे पहले सूचना देनी पड़ती है।
जिला मुख्यालयों में रह रहे ज्यादातर बीजेपी नेता
बीजापुर ही नहीं, बस्तर के कई हिस्सों में यही हाल है। गांवों में बीजेपी नेताओं के घर सूने पड़े हैं। परिवार समेत कई लोग जिला मुख्यालय में शिफ्ट हो गए हैं। राजनीति अब गांव की चौपाल से नहीं, बल्कि पुलिस कैंप और कलेक्टोरेट ऑफिस के सामने से चल रही है।
गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल रहे हैं, नए कैंप खुल रहे हैं, लगातार नक्सली एनकाउंटर हो रहे हैं।
ये नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल रहे हैं, नए कैंप खुल रहे हैं, लगातार नक्सली एनकाउंटर हो रहे हैं।
लेकिन एक हकीकत ये भी है कि जैसे-जैसे ऑपरेशन तेज हुए हैं, नक्सलियों ने बीजेपी नेताओं को ज्यादा टारगेट करना शुरू कर दिया है। रायडू जैसे नेता कहते हैं ‘हम नक्सलियों के साये में राजनीति कर रहे हैं। सतर्कता के साथ काम कर पा रहे हैं, लेकिन खतरा हर वक्त मंडराता है।”
बीजापुर की ये तस्वीर बताती है कि खतरा अब और ज्यादा है। भाजपा नेता ही नहीं, उनके परिवार भी इस खौफ में जी रहे हैं। गांवों में उनकी मौजूदगी लगभग खत्म हो चुकी है। बीजेपी नेताओं की मजबूरी, पार्टी संगठन की जद्दोजहद और नक्सलियों का डर यह सब मिलकर दिखाता है कि जमीनी हालात कितने जटिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…
नक्सलियों ने 10 शिक्षादूतों को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला
बीजापुर में 5, सुकमा में 3 और नारायणपुर में 2 को मिलाकर 10 शिक्षादूतों का गला नक्सलियों ने कुल्हाड़ी और चाकू से रेता है। आदिवासी अंचल में शिक्षा की लौ जलाने वाले इन गुरुओं को मौत की सजा मिली। नक्सलियों ने बंदूक की गोलियों और धारदार हथियारों से बच्चों के सपने कुचल दिए।






































