दुर्ग में दादी राणी सती जी के मंगलपाठ में झूम उठी महिलाएं: 9 दिवस तक प्रतिदिन माता जी का अभिषेक एवं रोज पूजी जाती हैं बेटियां और कराया जाता है कन्या भोज प्रतिदिन अष्टमी को लगाया जाएगा 56 भोग
दुर्ग। प्रदेश के एकमात्र स्थान दुर्ग के गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर में क्वांर नवरात्र पर्व के अवसर पर पूरे 9 दिवस कराया जाता है कन्या भोज जिसमें प्रतिदिन लगभग 208 कन्या माताओं का पूजन करके कन्या भोज कराया जाता है ।
क्वांर नवरात्र पर्व के अवसर पर श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर दुर्ग में दिनांक 11 अक्टूबर सितम्बर से 20 अक्टुबर तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे माता जी का अलग अलग धर्मप्रेमियों द्वारा पूरे परिवार सहित उपस्थित होकर माता जी का अभिषेक दोपहर 12 बजे कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन होता है, मंदिर परिसर में प्रातः 9 बजे से माता जी का अभिषेक उसके पश्चात दोपहर 12 बजे दुर्गा मंदिर परिसर में लगभग 200 से अधिक कन्या माताओं का पूजन करके कन्या भोज कराया जाता है
क्वांर नवरात्र पर्व के अवसर पर सप्तमी तिथि को दादी राणी सती जी के मंगलपाठ का आयोजन किया गया जिसमें भारी मात्रा में चुनरी वाली साड़ी पहनकर महिलाएं मां दुर्गा मंदिर आये,और भजनों की प्रस्तुति में ख़ूब झूमे. दादी आई है, मेरी मैया मेरे घर आई रे’, ‘आज है दादी अमावस्या’, ‘श्रीराणी सती दादी की जय’, ‘दे दे थोड़ा प्यार दादी’ जैसे भक्ति भजनों पर महिलाएं जमकर झूमी। 17 अक्टूबर को आयोजित राणी सती दादीजी के मंगलपाठ का। महोत्सव में परशुराम महिला मंडल दुर्ग की महिलाओं ने अमृतवाणी से श्रद्धालुओं को कथामृत का रसपान कराया गया। मंगल महोत्सव में महिलाओं ने भी दादी का मंगल पाठ किया। कार्यक्रम की आयोजिका एवं महिला सदस्य मोना दिनेश शर्मा एवं वीणा सुधीर राठी ने बताया कि ने बताया कि मंगल पाठ के दौरान दादीजी के जन्म प्रसंग के दौरान कई श्रद्धालुओं ने उपहार के रूप में चाकलेट, खिलौने, मिठाइयां, लड्डू व अन्य वस्तुएं बांटी एवं शिक्षा की रस्म में सभी उपस्थित छोटे छोटे बच्चों को कॉपी पेन का वितरण किया गया, कथा में दादी जी के विवाह रस्म अजोजक समित्ति की महिलाओं ने सभी उपस्थित महिलाओं को मेहदी एवं हल्दी लगाई और सती होने तक की सभी रस्मों का मंचन किया गया। जन्मोत्सव के दौरान बधाइयां लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं व कन्याएं उमड़ी। और माता जी का गाना नाचो गाओ खुशी मनाओ झूमो रे सब आज, मां आई घर आपने सब मंगल गाओ रे गा कर पूरे कार्यक्रम स्थल में धर्मलीन करे दिया..
महोत्सव में अखंड ज्योत, जन्मोत्सव, बधाई उत्सव, मुकलावा उत्सव व महाप्रसादी आकर्षण का केंद्र रहा। छोटे छोटे बच्चों को आकर्षित झांकी के रूप में सजाई गई थी, जिसे देख झूम उठे सभी उपस्थित जन..
पाठ के दौरान माता जी की स्कूली शिक्षा की कथा में छोटे छोटे बच्चों की स्कूल बैग रखकर झांकी प्रस्तुत की गई जिसमें दादी चली स्कूल पढ़ने को गाना गाया गया
दादी जी के विवाह प्रसंग में मेहंदी हल्दी की रस्म की गई जिसमें मेहंदी रची थारी हाथा में गाने में सभी झूमती रही उसके बाद दादी जी के मंगल विवाह प्रसंग में सभी महिलाओं को चुनरी भेट की गई जिसे पहनकर सभी महिलाएं माता के विवाह में शामिल हुए और माता की चुनरी पहनकर विवाह प्रसंग में बारात में नाचे, कार्यक्रम में खाटू श्याम बाबा और बालाजी महाराज के भजनों का भी सुमधुर गायन किया गया जिसमें देर रात तक महिलाये झूमती रही.
अष्टमी में लगेगा 56 भोग
श्री सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर में अष्टमी दिनांक 19 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे माता जी को 56 भोग लगाया जाएगा एवं शाम 7 बजे महाआरती के साथ 56 भोग की आकृषित साज–सज्जा की जाएगी एवं पूरे मंदिर परिसर को सभी प्रकार के फल से सजाया जाएगा..
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