स्वदेशी जागरण मंच के 9 विभागों के जरिए जन-जन तक पहुंचेगी स्वदेशी विचारधारा, अजय भसीन बने प्रदेश संगठक
छत्तीसगढ़ के 21 व्यापारियों को मिला ‘छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न’ सम्मान, स्वदेशी व्यापार मंच की नई टीम घोषित
भिलाई। स्वदेशी जागरण मंच राष्ट्रहित, स्वदेशी विचारधारा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण के संकल्प के साथ देशभर में सक्रिय है। इसी कड़ी में मंच के अंतर्गत संचालित नौ विभागों के माध्यम से भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, स्थानीय व्यापार को मजबूत बनाने, युवाओं एवं उद्यमियों को जागरूक करने तथा देश की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति को सशक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ में स्वदेशी व्यापारी मंच के प्रदेश संगठक के रूप में अजय भसीन तथा सह संगठक के रूप में गार्गी शंकर मिश्रा को दायित्व सौंपा गया है। साथ ही 21 सदस्यों की टीम की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठक श्री सतीश कुमार ने मंच के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वदेशी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, भारतीय उद्योगों एवं व्यापारियों को प्रोत्साहित करना और देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना मंच का प्रमुख उद्देश्य है। स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
21 व्यापारियों को मिला ‘छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न’ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के 21 ऐसे व्यापारियों एवं विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत और लगन के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्हें उनके योगदान के लिए ‘छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न’ सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मानित होने वालों में शिक्षा जगत से श्री आई.पी. मिश्रा और संतोष रुंगटा, उद्योग जगत से सुंदर बंसल, दिनकर बासोटिया, सुरेश जैन, निलाद्री शाह, अजीत सिंह और संतोष अग्रवाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से कैलाश बत्रा, सुनील बालानी, महेश दरयानी, विक्की लोहाना, अनिल शर्मा, सुनील मध्यानी, कांतिलाल बोथरा, प्रकाश सांखला, जितेंद्र नाहर, सुभाष अग्रवाल, श्रीचंद बत्रा और सीए प्रदीप पाल शामिल रहे।
इन सभी को उनके व्यावसायिक योगदान, संघर्ष और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापार एवं उद्योग जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना और स्वदेशी आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को रेखांकित करना रहा।
स्वदेशी जागरण मंच के नौ विभागों की अहम भूमिका
स्वदेशी जागरण मंच के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले नौ विभागों के माध्यम से स्वदेशी विचारधारा को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
1. स्वदेशी व्यापारी मंच:
व्यापारियों को स्वदेशी विचारधारा से जोड़ना, स्थानीय बाजारों को प्रोत्साहित करना, भारतीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना तथा व्यापारियों की समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान की दिशा में प्रयास करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
2. यंग जनरेशन भारत (Young Generation Bharat):
युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस पहल का मुख्य लक्ष्य है।
3. स्वदेशी वित्त सलाहकार परिषद:
चार्टर्ड अकाउंटेंट, वित्तीय सलाहकारों और अन्य वित्त पेशेवरों को एक मंच पर लाकर देश की आर्थिक व्यवस्था, स्वदेशी वित्तीय सोच और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर काम करना।
4. भारत ग्लोबल इंडस्ट्रीज फोरम:
भारतीय उद्योगों, तकनीकी क्षमता, औद्योगिक नवाचार और स्वदेशी तकनीक को प्रोत्साहित करना। इसके साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के बीच समन्वय स्थापित कर भारत की औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करना।
5. स्वदेशी उत्पाद प्रमाणीकरण परिषद: स्वदेशी उत्पादों की पहचान एवं प्रमाणीकरण को प्रोत्साहित करना, ताकि उपभोक्ताओं तक भारतीय उत्पादों की जानकारी पहुंचे और स्वदेशी उत्पादों के प्रति विश्वास बढ़े।
6. सहकार भारती: सहकारिता के माध्यम से समाज का आर्थिक सशक्तीकरण करना तथा छोटे व्यापारियों, उत्पादकों और उद्यमियों को संगठित कर सहयोग आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना।
7. स्वदेशी मेला:स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योगों, लघु उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराना। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को भारतीय उत्पादों से परिचित कराने और स्थानीय व्यापार को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है।
मंच के अन्य विभाग भी स्वदेशी जागरूकता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं।
स्वदेशी केवल खरीदारी नहीं, राष्ट्र की आर्थिक मजबूती का संकल्प
स्वदेशी जागरण मंच का संदेश है कि स्वदेशी केवल भारतीय वस्तुओं की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के श्रमिकों, कारीगरों, किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों के परिश्रम का सम्मान करने का संकल्प है। भारतीय उत्पादों और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने से देश की आर्थिक शक्ति मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम का आयोजन भिलाई स्थित होटल अमित पार्क में किया गया। कार्यक्रम से संबंधित जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जनसंपर्क अधिकारियों शंकर सचदेव और निरंकार सिंह ने दी।
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