शिवमहापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ का संदेश, श्रद्धालुओं से "साइबर जागृति अभियान" से जुड़ने की अपील
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ विशेष साइबर जागृति अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।
शिवमहापुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
श्रद्धालुओं से OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी व्यक्ति से साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल और लिंक से सावधान रहने की अपील की गई।
श्रद्धालुओं से अभियान के QR Code को स्कैन कर अभियान से जुड़ने, कटआउट के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया एवं WhatsApp Status पर साझा करने की अपील की गई।
मुख्य बिंदु
पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा शिवमहापुराण कथा में उपस्थित लाखों श्रद्धालुओं को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करते हुए ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई।
संक्षिप्त विवरण
बोलबम सेवा समिति खुरसीपार, भिलाई द्वारा दिनांक 17.08.2026 से 23.08.2026 तक जयंती स्टेडियम, भिलाई नगर में प्रख्यात कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा, सीहोर वाले की शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दुर्ग पुलिस द्वारा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
इसी क्रम में शिवमहापुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। उन्होंने नागरिकों से अपना OTP, PIN, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहने की अपील की।
पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ विशेष साइबर जागृति अभियान से जुड़ने के लिए भी श्रद्धालुओं को प्रेरित किया गया। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जारी QR Code को स्कैन कर अभियान से जुड़ने तथा अभियान कटआउट के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया एवं WhatsApp Status पर साझा करने की अपील की गई।
मॉडस ऑपरेंडी (साइबर अपराध करने का तरीका)
साइबर अपराधियों द्वारा सामान्यतः फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक, सोशल मीडिया संपर्क, फर्जी निवेश अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से नागरिकों को विश्वास में लेकर गोपनीय जानकारी प्राप्त करने या आर्थिक ठगी करने का प्रयास किया जाता है। नागरिकों को ऐसे किसी भी संदिग्ध संपर्क पर प्रतिक्रिया देने से पहले सत्यापन करने की सलाह दी गई।
सराहनीय कार्य
शिवमहापुराण कथा जैसे बड़े जनसमागम के दौरान साइबर अपराध से बचाव का संदेश बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं तक पहुंचाने तथा ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ अभियान को जनजागरूकता से जोड़ने में आयोजन समिति एवं संबंधित पुलिस टीम द्वारा आवश्यक समन्वय किया गया।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतें। अपना OTP, PIN, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान कॉल पर विश्वास न करें।
छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ अभियान से जुड़कर साइबर जागरूकता का संदेश अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों तक पहुंचाएं। साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
“आपकी एक छोटी पहल, किसी बड़े साइबर अपराध को रोक सकती है।”
जय हिंद!
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