भिलाई में रिश्वत कांड का बड़ा खुलासा: CBI ने रेलवे के सीनियर अफसर को दलाल समेत दबोचा, ₹77 लाख कैश और ₹14 लाख की ज्वेलरी बरामद
भिलाई/रायपुर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में भिलाई में तैनात रेलवे के सीनियर अधिकारी को उसके कथित दलाल के साथ गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक, अधिकारी पर एक शिकायतकर्ता से लंबित बिलों को पास कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद रायपुर और भिलाई में आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर हुई तलाशी में करीब 77 लाख रुपये नकद और लगभग 14 लाख रुपये कीमत की ज्वेलरी बरामद होने की बात सामने आई है।
2 लाख की रिश्वत मांगी, 1 लाख में सौदा तय
CBI के अनुसार, मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता की ओर से की गई शिकायत से हुई। आरोप है कि भिलाई में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) में सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (DME) के पद पर तैनात अधिकारी ने शिकायतकर्ता के लंबित बिलों को पास कराने के लिए कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
बाद में कथित तौर पर रिश्वत की रकम घटाकर 1 लाख रुपये करने पर सहमति बनी। इसके बाद CBI ने शिकायत की जांच करते हुए जाल बिछाया और रिश्वत की पहली किस्त दिए जाने की कार्रवाई पर नजर रखी।
50 हजार रुपये लेते पकड़ा गया
जांच एजेंसी के मुताबिक, 13 अगस्त को आरोपी अधिकारी कथित दलाल के माध्यम से रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये स्वीकार कर रहा था। इसी दौरान CBI ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
CBI ने इसके बाद आरोपी अधिकारी और उसके कथित सहयोगी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। अधिकारी की पहचान अनमोल उके के रूप में बताई गई है, जो इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (IRSME) के अधिकारी हैं और SECR में सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।
घर और ऑफिस में छापेमारी, भारी रकम बरामद
गिरफ्तारी के बाद CBI ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए रायपुर और भिलाई स्थित आरोपी अधिकारी के घर और कार्यालय की तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान करीब 77 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
इसके अलावा लगभग 14 लाख रुपये कीमत की ज्वेलरी भी जांच एजेंसी को मिली। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान मिलने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी और ज्वेलरी का स्रोत क्या है तथा इसका रिश्वत के मामले से कोई संबंध है या नहीं।
चार दिन की पुलिस कस्टडी
CBI ने आरोपी अधिकारी और उसके कथित दलाल को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इस दौरान जांच एजेंसी आरोपियों से पूछताछ कर रिश्वत की रकम, लंबित बिलों और बरामद नकदी व ज्वेलरी के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
CBI के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अधिकारी द्वारा कथित तौर पर रिश्वत लेने का यह अकेला मामला था या इस तरह के अन्य मामलों में भी उसकी भूमिका रही है।
फिलहाल CBI की जांच जारी है और बरामद नकदी व ज्वेलरी के स्रोत तथा पूरे रिश्वत नेटवर्क से जुड़े तथ्यों को जांच के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा।
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