ओए-बीएसपी ने सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा से अधिकारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा
सेल के अधिकारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर ओए-बीएसपी के पदाधिकारियों ने सेल के सीएमडी, डॉ. अशोक कुमार पंडा एवं बीएसपी के निदेशक प्रभारी, श्री सी आर महापात्रा से डीआईसी आफिस इस्पात भवन, भिलाई में की चर्चा। सेफी चेयरमेन एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष श्री नरेन्द्र कुमार बंछोर एवं ओए-बीएसपी महासचिव अंकुर मिश्रा इस बैठक में उपस्थित रहे।
चर्चा दौरान सेफी अध्यक्ष श्री नरेन्द्र कुमार बंछोर ने अधिकारियों की ओर से सीएमडी, डॉ. अशोक कुमार पंडा को यह आश्वस्त किया कि उनके विजन के अनुरूप इस वित्तीय वर्ष में 10 हजार करोड़ रूपये का लाभ अर्जित करने हेतु इस्पात बिरादरी वर्तमान में निरंतर प्रयासरत है।
ओए-बीएसपी पदाधिकारियों ने सेल पेंशन स्कीम, डीपीई के निर्देशानुसार 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभ सुनिश्चित करते हुए सेल मेडिक्लेम पॉलिसी में आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने, यूनिफार्म एचआरए, सेल के सभी माइंस की टाउनशिप में नए मकानों का निर्माण, माइंस के अधिकारियों हेतु मेडिक्लेम पॉलिसी, सेल अस्पतालों में सुविधाओं में बढ़ोत्तरी, अधिकारियों की प्रमोशन पॉलिसी में आवश्यक सुधार एवं सीजीएम के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने, 11 महीने के पर्क्स एरियर्स के ब्याज के भुगतान, जेओ 2018 बैच का नोशनल पदोन्नति, इंट्री लेवल पे-एनामली (2007-2013 एमटीटी/एमटीए बैच) का समाधान, इंक्रीमेंटल पीआरपी, कोलिरिस के अधिकारियों को सेल पेंशन की सुविधा (2007 से 2017 तक), टाउनशिप की सुविधाओं में विस्तार, लीजिंग व लाईसेंसिंग स्कीम के तहत टाउनशिप की सम्पदा का सही उपयोग, जेओ-2008 व 2010 बैच के वेतन विसंगतियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
सेल पेंशन स्कीम में संशोधन
ओए-बीएसपी ने सेल प्रबंधन से आग्रह किया कि डीपीई दिशानिर्देशों के अनुसार सेल में 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी करें। जिससे डीपीई दिशानिर्देशों की सही भावना के अनुरूप मासिक आधार पर 9 प्रतिशत की दर से पेंशन का अंशदान हस्तांतरित किया जाए। सेल पेंशन योजना को समय पर लागू नहीं किया गया और यह द्वितीय वेतन संशोधन के डीपीई दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन था। चूंकि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, ताकि वह अपने स्वर्णिम वर्षों को संगठन को समर्पित करने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सके।
यूनिफार्म एचआरए
ओए-बीएसपी ने सेल में डीपीई दिशानिर्देशों के अनुरूप एक समान एचआर लागू करवाने हेतु अनुरोध किया। सेफी ने पहले भी सेल-सेफी मीटिंग में सेल प्रबंधन से सेल में यूनिफार्म एचआरए पॉलिसी बनाने हेतु अनुरोध किया है।
इंक्रीमेंटल पीआरपी
वित्तीय वर्ष 2018-19 में पीआरपी के भुगतान पीबीटी के 3 प्रतिशत तक के राशि का भुगतान किया गया था जबकि इंक्रीमेंटल पीआरपी मिलाकर कुल पीबीटी के 5 प्रतिशत का भुगतान किया जाना चाहिए था। विदित हो कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में सेल को कर पूर्व 759 करोड़ रूपये का घाटा हुआ था, जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में सेल ने कर पूर्व 3,338 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया। अतः यह स्पष्ट रूप से टर्नअराउंड का मामला था। इसके बावजूद, वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए पीआरपी की गणना करते समय इंक्रीमेंटल पीआरपी (पीबीटी का 2 प्रतिशत) को ध्यान में नहीं रखा गया। ओए-बीएसपी ने सीएमडी महोदय से आग्रह किया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के इंक्रीमेंटल पीआरपी (पीबीटी का 2 प्रतिशत) का शीघ्र भुगतान किया जाए।
टाउनशिप की सुविधाओं में विस्तार
ओए-बीएसपी ने सेल प्रबंधन से भिलाई सहित सेल के सभी टाउनशिप के सम्पदाओं का समुचित उपयोग करने का अनुरोध किया। टाउनशिप के खाली पड़े भूमि, भवनों तथा मकानों का लीजिंग व लाईसेंस के माध्यम से समुचित उपयोग करने का आग्रह किया ताकि अवैध कब्जों से इन राष्ट्रीय सम्पत्तियों को बचाया जा सके। लीजिंग व लाईसेंस के अवरोधों को शीघ्र निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। जिससे जनसामान्य को राहत मिल सके। इसी क्रम में वर्तमान कार्मिकों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नए सुविधायुक्त भवनों का निर्माण करने का भी आग्रह किया।
जेओ बैचेस् की पदोन्नति
ओए-बीएसपी ने आग्रह किया कि जेओ-2018 बैच को 6 माह के ट्रेनिंग अवधि का ई-1 से ई-2 पदोन्नति में जोड़ा जाए व 6 माह की नोशनल सीनियारिटी देते हुए सभी जेओ बैचेस् को कॉमन प्रमोशन साइकिल में पदोन्नत किया जाए।
जेओ-2008 व 2010 बैच में वेतन विसंगति
ओए-बीएसपी पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी (ई-4/ई-5) अपने जूनियर कर्मचारियों/अधिकारियों से भी कम वेतन पा रहे हैं, जो गंभीर वेतन असमानता है। 1 जनवरी 2023 से प्रभावी इस विसंगति को दूर करने हेतु सीएमडी महोदय से हस्तक्षेप की मांग की गई।
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