राजनांदगांव। क्वांर नवरात्रि के दूसरे दिन डोंगरगढ़ दर्शन के लिए निकली श्रद्धालुओं की आस्था उस समय हादसे में बदल गई, जब एक 21 वर्षीय युवती को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसा सोमनी थाना क्षेत्र के मनकी गांव के पास हुआ। गंभीर रूप से घायल युवती की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान भिलाई निवासी महिमा साहू के रूप में हुई है।
डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन के लिए नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु पदयात्रा करते हैं। भिलाई से भी बड़ी संख्या में भक्त पैदल यात्रा पर निकलते हैं। सोमवार को महिमा साहू भी अपनी मनोकामना पूरी करने के उद्देश्य से पैदल डोंगरगढ़ जा रही थी। तभी मनकी के पास तेज रफ्तार कार ने अचानक उसे जोरदार टक्कर मार दी।

घायल महिमा की मौत टक्कर लगते ही महिमा सड़क पर बुरी तरह घायल हो गई। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल महिमा को तुरंत भिलाई के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर फैलते ही पदयात्रियों में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।


आरोपी कार चालक गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही सोमनी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपी कार चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। सीएसपी वैशाली जैन ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है और आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



सुरक्षा के विशेष इंतजाम, फिर भी हादसा राजनांदगांव पुलिस ने नवरात्रि को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। अंजोरा से हाईवे को वन-वे घोषित कर दिया गया है, ताकि पदयात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके बावजूद सड़क पर वाहन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। हादसे के बाद प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब वन-वे व्यवस्था लागू थी, तो कार वहां तक कैसे पहुंच गई।
श्रद्धालुओं में नाराजगी इस हादसे ने श्रद्धालुओं के बीच नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब बड़ी संख्या में लोग पैदल चल रहे हैं तो प्रशासन को और ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए। कई श्रद्धालुओं ने हादसे के बाद सड़क पर ही प्रदर्शन करने की बात कही, हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।
मां बम्लेश्वरी के दर्शन का आस्था से जुड़ा महत्व
डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी मंदिर नवरात्र में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पैदल यात्रा कर पहुंचते हैं। भक्त मानते हैं कि पैदल चलकर माता के दर्शन करने से मनोकामना पूरी होती है। यही वजह है कि हर साल हजारों की संख्या में भक्त डोंगरगढ़ के लिए निकलते हैं। लेकिन इस बार हादसे ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को झकझोर दिया है।











































