भारती विश्वविद्यालय ने मनाया राष्ट्रीयगीत की 150 वी सालगिरह।

भारती विश्वविद्यालय ने मनाया राष्ट्रीयगीत की 150 वी सालगिरह।

भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में दिनांक 7 से 14 नवम्बर तक का समय राष्टगीत “वंदे मातरम्” की 150 वी सालगिरह को समर्पित रहा। इस अवसर पर विविध कार्यक्रम कुलसचिव डॉ वीरेंद्र कुमार स्वर्णकार के दिशानिर्देश तथा सहायक कुलसचिव श्री अशोक लिल्हारे के संयोजकत्व में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये । जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, देशभक्ति, सांस्कृतिक गौरव तथा मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ऑनलाइन उद्बोधन के सामूहिक श्रवण से हुई, तत्पश्च्यात विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने “वंदे मातरम्” गीत का सामूहिक गायन किया।
इस श्रृंखला के अंतर्गत वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग द्वारा भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने भाषणों एवं निबंधों के माध्यम से “वंदे मातरम्” गीत के प्रभाव, उसके अर्थ और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जिसका सार यह था की यह गीत केवल राष्ट्रगान नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक है, जिसने स्वतंत्रता सेनानियों में संघर्ष और त्याग की ज्वाला प्रज्वलित की, “सुजलाम् सुफलाम्” जैसे शब्दों के माध्यम से गीत मातृभूमि की समृद्धि, सौंदर्य और पवित्रता को अभिव्यक्त करता है।


निर्णायक डॉ. काजोल दत्ता द्वारा विद्यार्थियों के प्रस्तुतीकरण, भाषा, विषय-वस्तु एवं अभिव्यक्ति के आधार पर परिणाम घोषित किए गए। वाणिज्य विभाग से अंकिता श्रीवास्तव प्रथम, पराग बिसेन द्वितीय एवं रागिनी साहू तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं प्रबंधन विभाग से वासु चंद्राकर प्रथम, ईवा द्वितीय तथा सजल गोलचा तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम के आयोजन में आयोजन समिति के सदस्य — सुश्री मेघा, सुश्री श्वेता कुमारी, सुश्री प्रिया साहू, आदित्य शाह एवं लव ताम्रकार — का योगदान रहा। छात्रों की उत्साही सहभागिता और संकायजनों के सहयोग से यह आयोजन अत्यंत सफल, प्रभावशाली और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। जीवन संकाय की अधिष्ठाता डॉ नीतू श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में पोस्टर मेकिंग तथा क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसके विजेता प्रतिभागी क्रमशः साक्षी ,देबाश्मिता ,लक्ष्मीनारायण, अस्मिता,साक्षी वैष्णव एवं समृद्धि रहे। कार्यक्रम की अगली कड़ी में फॉरेंसिक साइंस विभाग द्वारा भी इसी तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमे विभागाध्यक्ष श्री जयंत बारीक तथा सुश्री समीक्षा नायर की महती भूमिका रही।

इस तरह संपूर्ण सप्ताह विद्यार्थियों तथा राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवको में राष्ट्रीय गर्व, एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक प्रबल करने के उपक्रम को समर्पित रहा।