दुर्ग में युवती की मौत से सनसनी: सुसाइड नोट में युवक पर प्रताड़ना, शारीरिक संबंध और परिवार को जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ी में लिखा सुसाइड नोट बना जांच का अहम हिस्सा, मोबाइल में मिले मैसेज और तस्वीरों की पड़ताल कर रही पुलिस; युवती ने नोट में मांगा न्याय
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 24 वर्षीय युवती की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद सामने आए युवती के सुसाइड नोट ने मामले को गंभीर मोड़ दे दिया है। युवती ने अपने अंतिम नोट में एक युवक पर मानसिक प्रताड़ना देने, शारीरिक संबंध बनाने और परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने छत्तीसगढ़ी भाषा में अपनी पीड़ा बयां करते हुए संबंधित युवक को सजा दिलाने और अपने लिए न्याय की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुसाइड नोट सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
भरोसे से शुरू हुई कहानी, फिर प्रताड़ना और धमकियों के आरोप
परिजनों के मुताबिक, युवती दुर्ग के एक निजी संस्थान में काम करती थी। करीब दो महीने से एक युवक उसे परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने के लिए दबाव डाल रहा था। परिवार का आरोप है कि युवक युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इतना ही नहीं, वह उसके भाई, बहन और मां को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी देता था।
युवती ने अपने सुसाइड नोट में कथित तौर पर लिखा कि युवक ने पहले उसे भरोसे में लिया और फिर उसके साथ गलत व्यवहार किया। नोट के अनुसार, युवती ने जब उससे बातचीत बंद कर दूरी बनाने की कोशिश की, तो कथित तौर पर उसे धमकियां मिलने लगीं। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि युवक पुलिस में अपनी पहचान होने और जेल जाने के बाद जल्द बाहर आ जाने की बात कहकर उसे डराता था।
हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सुसाइड नोट में मांगी न्याय की गुहार
युवती ने अपने नोट में मां और परिवार के अन्य सदस्यों से माफी मांगते हुए अपनी परेशानी का जिक्र किया है। उसने कथित तौर पर लिखा कि वह मरना नहीं चाहती थी, लेकिन लगातार मिल रही प्रताड़ना और धमकियों से परेशान हो चुकी थी। नोट में युवक को सजा दिलाने और अपने लिए न्याय की मांग भी की गई है।
युवती ने परिजनों को मोबाइल फोन में मौजूद मैसेज और गैलरी में रखी तस्वीरों को देखने के लिए भी कहा। इसके बाद मोबाइल में मौजूद डिजिटल साक्ष्य इस मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। पुलिस इन मैसेज और तस्वीरों की जांच कर रही है, ताकि युवती के आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी तथ्य जुटाए जा सकें।
घर में अकेली थी युवती, ड्यूटी से लौटे भाई ने देखा
जानकारी के मुताबिक, घटना वाले दिन युवती घर पर अकेली थी। ड्यूटी से लौटने पर उसके भाई ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पड़ोसी की मदद से घर के भीतर जाकर देखा गया, जहां युवती फंदे पर लटकी मिली।
परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और मोबाइल फोन में मौजूद सामग्री की जांच की जा रही है।
दो महीने पहले परिवार को मिली थी परेशानी की जानकारी
मृतका के चाचा के मुताबिक, करीब दो महीने पहले युवती की एक सहेली ने परिवार को बताया था कि एक युवक उसे परेशान कर रहा है। इसके बाद परिवार ने युवती से बातचीत की। युवती ने उस समय कहा था कि वह खुद मामले को संभाल लेगी और जरूरत पड़ने पर परिवार को जानकारी देगी।
चाचा ने बताया कि परिवार उसे लगातार समझाता था कि यदि कोई युवक परेशान करता है या धमकी देता है, तो इसकी जानकारी तुरंत परिजनों को दे, ताकि पुलिस में शिकायत की जा सके। इसके बावजूद युवती ने परिवार के सामने पहले कोई औपचारिक शिकायत नहीं की थी। परिजनों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह भीतर ही भीतर इतनी परेशानी झेल रही थी।
परिवार को जानकारी मिली थी कि युवक उस पर शादी के लिए दबाव डालता था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि युवक परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता था।
पिता का पहले हो चुका है निधन, मां मेहनत कर चलाती हैं परिवार
युवती के परिवार की स्थिति भी बेहद दुखद है। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में मां, 27 वर्षीय बड़ा भाई और छोटी बहन हैं। युवती की मां कपड़े प्रेस करने का काम करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं, जबकि उसका बड़ा भाई छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) की पहली बटालियन, भिलाई में पदस्थ है।
परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन युवती ने मां, बहन और भाई से कहा था कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह आराम करेगी। वह सामान्य तौर पर सुबह काम पर जाती थी, लेकिन उस दिन काम पर नहीं गई। परिवार ने बताया कि घटना से एक दिन पहले वह अपनी सहेलियों के साथ दुर्गा दर्शन करने भी गई थी। परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इतनी गंभीर मानसिक परेशानी से गुजर रही है।
सुसाइड नोट, मोबाइल और परिजनों के बयानों की जांच
यह मामला दुर्ग के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की सामग्री, परिजनों के बयान और मोबाइल फोन में मौजूद मैसेज व तस्वीरों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में भरोसे, कथित मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि युवती के सुसाइड नोट और मोबाइल में मौजूद साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपित युवक की भूमिका जांच में किस तरह स्पष्ट होती है। पुलिस की जांच के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति साफ हो सकेगी।
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