केंद्रीय बजट 2026-27 में न बेरोज़गारी पर समाधान, न महंगाई पर राहत, न किसानों-मध्यम वर्ग के लिए ठोस घोषणा,इस बजट ने हर वर्ग को किया निराश, छत्तीसगढ़ की घोर उपेक्षा:-ताम्रध्वज साहू

श्री साहू ने कहा कि सरकार ने इस बजट में कोई नई सोच, कोई दूरदर्शी दृष्टि और कोई ठोस समाधान प्रस्तुत नहीं किया है। बेरोज़गारी, बढ़ती महंगाई, किसानों की आय में गिरावट, मध्यम वर्ग को राहत, युवाओं के रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार पूरी तरह मौन नजर आई।

उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और गरीब—सभी को निराश करता है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग के लिए यह बजट लगभग खोखले आश्वासनों तक सीमित रहा, उनके हाथ इस बजट में खाली ही रहे।

पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि बजट में योजनाओं की लंबी सूची और बड़ी-बड़ी घोषणाएँ तो दिखाई देती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इनका जमीनी स्तर पर आम नागरिक को वास्तविक लाभ कैसे मिलेगा। सरकार की प्राथमिकता केवल तकनीकी शब्दावली और औपचारिकताओं तक सीमित रह गई है।

श्री साहू ने छत्तीसगढ़ की घोर उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्रीय बजट में राज्य के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट, विशेष पैकेज या विकास योजना की घोषणा नहीं की गई। औद्योगिक, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी होने के बावजूद छत्तीसगढ़ को इस बजट में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है, जो केंद्र सरकार की राज्य-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सरकार केवल घोषणाएँ करने में विश्वास रखती है, उन्हें पूरा करने में नहीं। वर्ष 2015 में स्मार्ट सिटी की घोषणा बड़े जोर-शोर से की गई थी, लेकिन 2025 तक वह योजना अधूरी छोड़ दी गई और एक भी शहर वास्तव में स्मार्ट नहीं बन सका। अब शहरों के विकास के नाम पर नई योजना लाई जा रही है, लेकिन उसमें भी ठोस क्रियान्वयन और वास्तविक विकास का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है।

ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यह बजट जनविरोधी, दिशाहीन और निराशाजनक है, जिसे देश की जनता आने वाले समय में उचित जवाब देगी।