जिले के दर्री थाना अंतर्गत लाटा अटल आवास में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने ही पति को कीटनाशक पिलाकर मौत के घाट उतार दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा मृतक के मासूम बच्चों की गवाही से हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय अरुण सिंह को शुक्रवार तड़के गंभीर हालत में जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां उपचार शुरू होते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पत्नी 35 वर्षीय बंटी देवी को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई, तो हत्या की खौफनाक साजिश सामने आ गई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिला ने दो दिन पहले अपने 13 वर्षीय बेटे को घर के फूलों में छिड़काव के बहाने कीटनाशक लाने भेजा था। इसके बाद गुरुवार रात उसने अपने पति को संदिग्ध अवस्था में कीटनाशक पिला दिया और बच्चों को कमरे से बाहर कर दिया। मृतक की 10 वर्षीय बेटी ने खिड़की से देखा कि उसकी मां गिलास से कुछ पिला रही है। देर रात करीब डेढ़ बजे अरुण सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह उल्टियां करने लगा।




बताया जा रहा है कि पत्नी ने गंभीर हालत के बावजूद पति को तुरंत अस्पताल नहीं पहुंचाया और बच्चों के बार-बार कहने के बावजूद टालमटोल करती रही। सुबह तक हालत और बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मासूम बच्चों की सटीक जानकारी और बयान के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी पत्नी से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की आशंका जताई जा रही है। साथ ही यह भी सामने आया है कि मृतक अरुण सिंह लकवाग्रस्त थे और टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। पुलिस आरोपी महिला के मोबाइल कॉल डिटेल, आपसी संबंधों और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला न सिर्फ एक जघन्य अपराध है, बल्कि पारिवारिक विश्वास को तोड़ने वाली भयावह सच्चाई भी उजागर करता है।








































