दुर्ग। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडिंग के खिलाफ आरपीएफ द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस कार्रवाई ने रेलवे के कमर्शियल विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। जांच में पाया गया कि 88 वेंडरों के पहचान पत्र समाप्त होने के बावजूद नए कार्ड जारी नहीं किए गए थे, जिसके चलते प्लेटफॉर्म पर अवैध वेंडर खुलेआम सक्रिय थे।
आरपीएफ ने स्टेशन परिसर में विशेष जांच अभियान चलाकर 15 अनाधिकृत वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के दौरान प्लेटफॉर्म स्थित स्टॉलों के बाहर बड़ी मात्रा में अवैध रूप से खाद्य सामग्री रखी मिली, जिससे यात्रियों को आने-जाने और सामान खरीदने में परेशानी हो रही थी।
कार्रवाई के दौरान 2940 पानी की बोतल, 96 फ्रूटी, 91 चिप्स पैकेट, 11 केक पैकेट, केला, अंगूर और खीरे के कैरेट जब्त किए गए। जब्त खाद्य सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है। आरपीएफ ने जब्त सामान को रेलवे के पार्सल कार्यालय को सौंप दिया है।
दुर्ग आरपीएफ प्रभारी संजीव सिन्हा ने बताया कि रेलवे स्टेशन में वेंडरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर स्टॉल और वेंडरों की जांच की गई।
जांच में सामने आया कि कमर्शियल विभाग द्वारा स्टॉल संचालन और आवंटन से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई, जिससे पहचान पत्र समाप्त होने के बाद भी नए कार्ड जारी नहीं हुए और अवैध वेंडर प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे।
उन्होंने बताया कि वाणिज्य विभाग द्वारा अभियान के दौरान 10 अवैध वेंडरों को पकड़ा गया, जिन्हें आरपीएफ के सुपुर्द कर आगे की कार्रवाई की गई। आरपीएफ द्वारा आगे भी स्टेशन परिसर में ऐसे विशेष अभियान जारी रखने की बात कही गई है।