डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर केंद्र सरकार सख्त, WhatsApp को डिवाइस ID ब्लॉक करने के निर्देश
नई दिल्ली। डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp को निर्देश दिया है कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम में इस्तेमाल हो रहे डिवाइस IDs को ब्लॉक करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि साइबर अपराधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि साइबर ठग बार-बार नए अकाउंट बनाकर लोगों को व्हाट्सऐप कॉल, वीडियो कॉल और मैसेज के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी कर रहे हैं। ऐसे में केवल अकाउंट ब्लॉक करना पर्याप्त नहीं है, इसलिए अब डिवाइस लेवल पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है।
सरकार आईटी नियम 2021 के तहत डिलीट किए गए अकाउंट्स का डेटा 180 दिनों तक सुरक्षित रखने पर भी विचार कर रही है, जिससे जांच एजेंसियों को अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिल सके। इसके साथ ही मैलिशियस APK और फर्जी ऐप्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने की योजना भी बनाई जा रही है।
ज्ञात हो कि WhatsApp भारत में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक है, जिसका उपयोग करोड़ों लोग करते हैं। इसी लोकप्रियता का फायदा उठाकर साइबर ठग आम लोगों को निशाना बनाते हैं। सरकार का मानना है कि सख्त निगरानी और तकनीकी उपायों के जरिए डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज के जरिए मिलने वाली धमकियों या सरकारी कार्रवाई के नाम पर मांगी गई जानकारी या पैसे को लेकर सतर्क रहें और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।








