श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व 5 जनवरी को मनाने पर पंथक एकमत, छत्तीसगढ़ सिख पंचायत व गुरुद्वारा कमेटियों की अहम बैठक में लिया निर्णय
भिलाई। दशम पिता साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की तिथि को लेकर छत्तीसगढ़ सिख पंचायत, सिख यूथ सेवा समिति तथा विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के अध्यक्ष जसवीर सिंह चहल ने की। बैठक में प्रकाश पर्व की तिथि को लेकर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया और पंथक परंपरा एवं तिथियों में एकरूपता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व 5 जनवरी को ही मनाया जाएगा। इस निर्णय के माध्यम से सिख समाज में प्रकाश पर्व की तिथि को लेकर एकरूपता बनाए रखने और पंथक परंपराओं का सम्मान करने की बात कही गई।
छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के महासचिव गुरुनाम सिंह ने बताया कि बैठक में 5 जनवरी की तिथि को लेकर उपस्थित सिख समाज के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नानकशाही कैलेंडर के अनुसार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की निर्धारित तिथि 5 जनवरी है और इसी तिथि को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति व्यक्त की।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन प्रकाश पर्व से एक सप्ताह पूर्व निकाला जाएगा। नगर कीर्तन के माध्यम से गुरबाणी, गुरु साहिब की शिक्षाओं और सिख धर्म की गौरवशाली परंपराओं का संदेश आमजन तक पहुंचाने की योजना बनाई जाएगी।
बैठक में सिख यूथ सेवा समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू एवं कोषाध्यक्ष मलकीत सिंह सहित विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों और सिख संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने 5 जनवरी को प्रकाश पर्व मनाने के निर्णय पर सहमति व्यक्त की तथा आयोजन को धार्मिक श्रद्धा, अनुशासन और आपसी एकजुटता के साथ संपन्न कराने पर जोर दिया।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन त्याग, साहस, मानवता, धर्म की रक्षा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है। उनके प्रकाश पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाना प्रत्येक सिख के लिए गौरव का विषय है। साथ ही नई पीढ़ी को गुरु साहिब की शिक्षाओं और उनके महान जीवन से जोड़ने के लिए धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों को व्यापक रूप देने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के पलविंदर सिंह रंधावा, बलदेव सिंह, हरभजन सिंह चहल, जसवीर सिंह सैनी, हरमिंदर सिंह सैनी, सरबजीत सिंह नंदरा, गुरदेव सिंह, कुलवंत सिंह, बीबी कुलवंत कौर, गुरमीत सिंह चहल, तेजिंदर सिंह हुंदल, बलजिंदर सिंह कलेर, गुरमीत सिंह सोखी, सौदागर सिंह, निर्मल सिंह रंधावा, सुखदेव सिंह लाडी, हरपाल सिंह हैप्पी, पवित्र सिंह, त्रिलोचन सिंह सिद्धू, जगजोत सिंह बिंद्रा, इंद्रपाल सिंह सैनी, जसवंत सिंह, कुलदीप सिंह, जोगिंदर सिंह, स्वरूप सिंह, पुष्पक सिंह, जसवीर सिंह वेगल, अमृतपाल सिंह, मुखविंदर सिंह, परमजीत सिंह, रौनक सिंह, निशान सिंह, अजीत सिंह खैरा, मलकीत सिंह, बलविंदर सिंह, जसेड़ा अनूप सिंह, बलकार सिंह, गुरविंदर सिंह, बलविंदर कौर, सुखविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने 5 जनवरी को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मनाने तथा प्रकाश पर्व से एक सप्ताह पूर्व नगर कीर्तन निकालने के निर्णय पर सहमति जताई। उपस्थित सदस्यों ने सिख समाज की एकता, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और गुरु साहिब की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
देश और दुनिया की हर बड़ी खबर का तुरंत अपडेट पाने के लिए नोटिफिकेशन ऑन करें।